Home उत्तर प्रदेश कुशीनगर में ट्रांसजेंडरों के लिए दुनिया का पहला विश्वविद्यालय बनेगा

कुशीनगर में ट्रांसजेंडरों के लिए दुनिया का पहला विश्वविद्यालय बनेगा

3 second read
0
38
Kushinagar to become world's first university for transgenders

(कुशीनगर से संवाददाता शैलेंद्र सिंह की रिपोर्ट)

कुशीनगर जिले के कसया तहसील के नकटहा मिश्र गांव में ट्रांसजेंडरों के लिए एक विश्वविद्यालय बनाने जा रहा है। यह विश्वविद्यालय भारत का ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का पहला विश्वविद्यालय होगा। जहां उन्हें प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा ले पाएंगे।

इस विश्वविद्यालय की आधारशिला देवरिया जनपद के सांसद रमापति राम त्रिपाठी ने रखी है। वहीं स्थानीय निवासी डॉ. कृष्ण मोहन मिश्र ने किन्नरों के दुःख और दर्द को समझते हुए उन्हें भी मुख्यधारा से जोड़ने का बीड़ा उठाया और अखिल भारतीय किन्नर (हिजड़ा) शिक्षा सेवा ट्रस्ट बनाकर इस विश्वविद्यालय की स्थापना में जुटे हुए है।

जहां देश-दुनिया से कहीं के भी किन्नर विद्यार्थियों को प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा मुफ्त में मिलेगी। 200 करोड़ की लागत से 50 एकड़ में बनने वाले इस विश्वविद्यालय में किन्नर समाज बढ़- चढ़कर भाग ले रहे हैं। अखिल भारतीय किन्नर (हिजड़ा) शिक्षा सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित होने वाले विश्वविद्यालय में किन्नर समाज के लोग प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।

ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण मोहन मिश्र ने बताया कि, इस विश्वविद्यालय पर दो सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा , इस यूनिवर्सिटी को बनाने में किन्नर समाज की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, शबनम मौसी सहित कई लोगों ने हमें मदद का आश्वासन दिया, पहले चरण में प्राथमिक विद्यालय से शुरुआत होगी।

वहीं उन्होंने आगे बताया कि, जूनियर हाईस्कूल,  इंटर कॉलेज और फिर विश्वविद्यालय संचालित होगा। साथ ही सीबएसई बोर्ड के पैटर्न से इसे संचालित किया जाएगा। इसमें अगले साल से पढ़ाई शुरू होगी। भवन निर्माण जनवरी से शुरू होगा।

Share Now
Load More In उत्तर प्रदेश
Comments are closed.