Home उत्तर प्रदेश प्यार,मर्डर और फांसी, 30 सेंकेड में जज ने लिखी मौत की दास्तां

प्यार,मर्डर और फांसी, 30 सेंकेड में जज ने लिखी मौत की दास्तां

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: आजाद भारत में किसी महिला को पहली बार फांसी दी जायेगी। आपको बता दें कि अमरोहा का बावनखेड़ी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस हत्या कांड की दोषी और उसके प्रेमीं सलीम को फांसी होना तय है। सर्वोच्च न्यायालय ने इनकी दया याचिका खारिज कर दी है। इतनी ही नहीं राष्ट्रपति ने भी इनके दया याचिका को खारिज कर फांसी देने के राह को और आसान कर दिया।

बावनखेड़ी हत्या कांड से दोषी शबनम ने अपने प्रेमी के लिए अपने ही परिवार के सात लोगो की निर्मम हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद शबनम रामपुर के जिला जेल में बंद है। शबनम ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के समक्ष दया याचिकाएं डालकर माफी की अपील की थी जिसे राज्यपाल और राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया है। अब डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जायेगी।

आपको बता दें कि अमरोहा जिले के बावनखेड़ी की रहने वाली शबनम का सलीम नाम के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनो की मंशा थी कि वे शादी करेंगे, लेकिन परिवार वाले इन दोनो के शादी में रोड़ा बन रहे थे। शबनम ने इस समस्या के हल के लिए अपने परिवार के सात लोगो की हत्या कर दी।

आइये एक नजर डालते हैं, शबनम के केस पर…

14/15 अप्रैल 2008 की वह काली रात थी, जब शबनम ने अपने ही परिवार के सात लोंगो की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। शबनम ने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम और फुफेरी बहन राबिया के साथ अपने भतीजे अर्श की हत्या की थी। जिसके बाद अमरोहा कोर्ट में दो साल तीन महीने तक सुनवाई चली, इस दौरान 100 तारीखों पर सुनवाई हुई। इस केस में 29 लोग गनाह बने, जिनको 649 सवालों का सामना करना पड़ा।

27 महीने तक केस की सुनवाई चली, 14 जुलाई 2010 को कोर्ट मे शबनम और उसके प्रेमी को दोषी ठहराया, वहीं इसके अगले दिन जिला जज एसएए हुसैनी ने शबनम और सलीम को 29 सेकेंड में फांसी की सजा सुना दी। आपको बता दें कि सजा की दास्तन 160 पन्नों में दर्ज किया गया है। इस केस में 3 जिला जजों ने सुनवाई की। जिसके बाद अब यह केस डेथ वारंट जारी होने की दहलीज पर खड़ा है।

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