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भारत के ज्ञान, विज्ञान ने न सिर्फ खुद को साबित किया: पीएम मोदी

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पीएम मोदी ने NASSCOM प्रौद्योगिकी और नेतृत्व फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था जब हम चेचक के टीके के लिए दूसरे देशों पर निर्भर थे। आज, हम अन्य देशों को COVID से लड़ने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ टीके उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने कहा जब चिप्स नीचे थे, तो भारत के आईटी उद्योग के प्रमुख ने चीजों को चालू रखा। पिछले साल के आंकड़े दुनिया को हैरान कर सकते हैं, लेकिन भारत आपकी क्षमता को जानकर हैरान नहीं है। जब हर क्षेत्र महामारी से बुरी तरह प्रभावित था, तो आपने 2% की वृद्धि दर्ज की।

मोदी बोले कोरोना के दौरान भारत के ज्ञान, विज्ञान ने न सिर्फ खुद को साबित किया है, बल्कि खुद को इवोल्व किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा अभी एक ऐसा समय जब दुनिया भारत की तरफ नई उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है। हमारे यहां कहा गया है- न दैन्यं न पलायनम्। यानी चुनौती कैसी भी हो, हमें खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए और न चुनौती से पलायन करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि नया भारत, हर भारतवासी, प्रगति के लिए अधीर है। हमारी सरकार नए भारत के युवाओं की इस भावना को समझती है। 130 करोड़ से अधिक भारतवासियों की आकांक्षाएं हमें तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने अपने सम्बोधन में आगे कहा कि सभी डेटा और संकेतक बताते हैं कि आईटी उद्योग की वृद्धि की गति नई ऊंचाई को निर्धारित करने के लिए निर्धारित है। न्यू इंडिया में हर भारतीय विकास के लिए अधीर है। हमारी सरकार समझती है कि हमारे युवा इसके बारे में कैसा महसूस करते हैं। 130 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं हमें तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

मोदी ने कहा हमारी सरकार ये भलीभांति जानती है कि बंधनों में भविष्य की लीडरशिप विकसित नहीं हो सकती। इसलिए सरकार द्वारा Tech Industry को अनावश्यक regulations से, बंधनों से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा हमारी सरकार की नीतियों और फैसलों ने साबित कर दिया है कि हमने प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाया है।

प्रधानमंत्री बोले हमारी सरकार जानती है कि अवरोध कभी भी भावी नेतृत्व को विकसित करने की अनुमति नहीं दे सकते। इस प्रकार, हमने टेक उद्योग से अनावश्यक नियमों को हटाने की कोशिश की है। राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति एक ऐसा ही प्रयास था ।

पीएम ने कहा एक प्रमुख कदम में, मानचित्रण और भू-स्थानिक डेटा के बारे में नीतियों को उद्योग के लिए उदार बनाया गया है। यह कदम हमारे टेक स्टार्ट-अप इको-सिस्टम और आत्मानिभर भारत के मिशन को सशक्त करेगा।

उन्होंने कहा कि हमारे स्टार्ट-अप और युवा उद्यमियों को दुनिया भर में पैदा होने वाले अवसरों का उपयोग करने की। इसे ध्यान में रखते हुए, हमने ये निर्णय लिए हैं। सरकार को भारत के नागरिकों, स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स पर पूरा भरोसा है। इस विश्वास के साथ, हम स्व-प्रमाणीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।

मोदी ने कहा सरकार को देश के नागरिकों पर, स्टार्ट्अप पर, इनोवेटर्स पर पूरा भरोसा है। इसी भरोसे के साथ सेल्फ सर्टिफिकेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बीते 6 वर्षों में आईटी इंटस्ट्री ने जो समाधान तैयार किए हैं, उन्हें हमने गवर्नेंस का अहम हिस्सा बनाया है।

मोदी ने कहा पिछले छह वर्षों में, आईटी उद्योग द्वारा निर्मित उत्पाद और समाधान एक शासन का हिस्सा बन गए हैं। विशेष रूप से, डिजिटल इंडिया मिशन में।

उन्होंने कहा प्रौद्योगिकी ने देश में नियमित नागरिक को सशक्त बनाया है और उसे सरकार के साथ जोड़ा है। हमने डेटा का लोकतांत्रिककरण किया है और अंतिम-मील सेवा वितरण भी प्रभावी रहा है।

मोदी बोले पारदर्शिता गुड गवर्नेंस की सबसे अहम शर्त होती है। यही बदलाव अब देश की शासन व्यवस्था पर हो रहा है। यही कारण कि हर सर्वे में भारत सरकार पर जनता का भरोसा मजबूत से मजबूत होता जा रहा है।

उन्होंने कहा पारदर्शिता गुड गवर्नेंस की सबसे अहम शर्त होती है। यही बदलाव अब देश की शासन व्यवस्था पर हो रहा है। यही कारण कि हर सर्वे में भारत सरकार पर जनता का भरोसा मजबूत से मजबूत होता जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स हों या गरीबों के घर, हर प्रोजेक्ट्स की Geo Tagging की जा रही है, ताकि वो समय पर पूरे किए जा सकें। यहां तक कि आज गांवों के घरों की मैपिंग ड्रोन से की जा रही है, टैक्स से जुड़े मामलों में भी ह्यूमेन इंटरफेस को कम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा पिछले तीन-चार वर्षों में, भारत एक भारी नकदी पर निर्भर समाज से कम नकदी वाले समाज में बदल गया है। डिजिटल लेनदेन जितना अधिक होगा, काला धन उतना ही कम होगा।

उन्होंने कहा आज भारत की तकनीक विश्व स्तर पर जिस छवि को देख रही है, उसे देखते हुए देश आप पर अपनी उम्मीदें जगाता है। बहुत सारी आकांक्षाएँ आप पर सवार होती हैं। आपने सुनिश्चित किया है कि हमारी तकनीक यथासंभव स्वदेशी हो जाए। आपके समाधान, भी, अब एक मेक फॉर इंडिया चिह्न होना चाहिए।

मोदी बोले सोचिए, आप कैसे विश्वस्तरीय उत्पाद बना सकते हैं जो वैश्विक बेंचमार्क को उत्कृष्टता पर स्थापित करेंगे। इन लक्ष्यों पर कोई समझौता नहीं हो सकता। उनके बिना, हम एक अनुयायी भी होंगे और वैश्विक नेता नहीं।

उन्होंने कहा हमें प्रौद्योगिकी और एआई के साथ कृषि और स्वास्थ्य और कल्याण क्षेत्रों में मदद करनी चाहिए। टेक उद्योग को भी शिक्षा और कौशल विकास के संबंध में जनता से जुड़े समाधान प्रदान करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री बोले अटल टिंकरिंग लैब्स से लेकर अटल इंक्यूबेशन सेंटर्स तक, भारत आज स्कूलों और कॉलेजों में प्रौद्योगिकी की संस्कृति का निर्माण कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के बड़े सेंटर आज देश के टियर-2, टियर-3 शहर बनते जा रहे हैं। यही शहर आज आईटी बेस्ड तकनीक की डिमांड और ग्रोथ के बड़े सेंटर बनते जा रही हैं।

मोदी ने कहा देश के इन छोटे शहरों के युवा अद्भुत इनोवेटर के रूप में सामने आ रहे हैं। सरकार का फोकस भी इन छोटे शहरों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर है।

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