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उत्तराखंड: सीएम धामी की इस दाव के सामने बेबस हुई कांग्रेस, हार सकती है अगला विधानसभा चुनाव!, जानिए कैसे

कांग्रेस अपने जिस नेता की उपेक्षा कर रहीं थी आज उन्हें सीएम धामी ने न सिर्फ श्रद्धांजलि अर्पित की बल्कि जननेता भी बताया। साथ ही कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाये।

By RNI Hindi Desk 
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रिर्पोट: अनुष्का सिंह

नई दिल्ली : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव होने में अभी कई माह शेष है, उससे पहले ही उत्तराखंड के वर्तमान सीएम और बीजेपी नेता पुष्कर सिंह धामी ने ऐसा दाव चला है, जिसके सामने कांग्रेस बेबस नजर आएगी। गौरतलब है कि कांग्रेस अपने जिस नेता की उपेक्षा कर रहीं थी आज उन्हें सीएम धामी ने न सिर्फ श्रद्धांजलि अर्पित की बल्कि जननेता भी बताया। साथ ही कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाये।

आपको बता दें कि कांग्रेस के उस दिग्गज नेता का नाम नारायण दत्त तिवारी है। सीएम धामी ने सोमवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण दत्त तिवारी को उनकी 96 वीं जयंती और तीसरी पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की, और मुख्यमंत्री ने तिवारी को लोकप्रिय, जननेता बताया। साथ ही ट्विटर पर लिखते हुए, धामी ने कहा कि, “लोकप्रिय जन नेता, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी की जयंती और पुण्यतिथि पर उनको भावपूर्ण श्रद्धांजलि”

आपको बता दें कि तिवारी एकमात्र राजनेता थे जिन्होंने दो राज्यों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। 18 अक्टूबर 1925 को जन्मे तिवारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार कार्य किया। पहले 1976-77 मे फिर 1984-85 और फिर 1988-89 में। तिवारी 2002 से 2007 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रहे।

1986-1987 में उन्होंने राजीव गांधी की कैबिनेट मे तत्कालीन प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के रूप में भी काम किया। साथ ही उन्हे 2007 मे एक बार आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने इस कार्यकाल को 2009 तक ज़ारी रखा। लेकिन 2018 में किडनी संक्रमण और कई अंग विफलता के बाद दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका निधन हो गया।

खबरो कि माने तो चर्चा यह है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एनडी तिवारी के बहाने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। जैसा कि सब जानते हैं कि कांग्रेस पर तिवारी की उपेक्षा करने के आरोप बीजेपी लगाती रही है। समावेशी राजनीति का बड़ा चेहरा रहे तिवारी को उत्तराखंड में, खासतौर पर ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में औद्योगिक विकास का श्रेय भी जाता है। ऐसे में बीजेपी ने पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र को तिवारी के नाम पर रखने की घोषणा कर दी है। अनुमान लगाए जा रहे हैं कि यह चाल कांग्रेस और प्रदेश चुनाव अभियान समिति की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत, दोनों को असहज करने वाली साबित हो सकती है।

एनडीए तिवारी को अपने पांच वर्ष के मुख्यमंत्री काल में पार्टी के अंदर सबसे ज्यादा चुनौती हरीश रावत से ही मिलती रही थी। हरीश रावत के साथ उनका राजनीतिक तौर पर छत्तीस का आंकड़ा रहा है। कांग्रेस ने सोमवार को विजय शंखनाद रैली स्थगित कर अब 20 अक्टूबर नई तारीख तय की है, इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत  समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।

एनडी तिवारी के बहाने कांग्रेस के विजय शंखनाद फूंकने से पहले ही पुष्कर धामी सरकार ने तुरुप की चाल चल दी। सरकार के इस कदम के बाद कांग्रेस को तिवारी की उपेक्षा के आरोपों से जूझना पड़ेगा। एनडी तिवारी को राजनीतिक गुरु मानने वाले यशपाल आर्य पर भी बीजेपी ने अपने तरीके से पलटवार किया है। यशपाल आर्य हाल ही में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में घर वापसी की है तो बीजेपी ने उनके गुरु के नाम को अपनाने का दांव चल दिया।

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