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‘देश में लंबे वक्त तक सत्ता में रहने वालों को कभी पानी की किल्लत महसूस नहीं हुई, क्योंकि उनके घरों में स्विमिंग पूल था’: पीएम मोदी

देश में लंबे वक्त तक सत्ता में रहने वालों को कभी पानी की किल्लत महसूस नहीं हुई, क्योंकि उनके घरों में उनके स्विमिंग पूल में पानी था, ये कहना है पीएम मोदी का। जिन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'जल जीवन मिशन के 2 वर्ष' ई-पुस्तिका, जल जीवन कोश और जल जीवन मिशन मोबाइल एप्लिकेशन का विमोचन किया।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : देश में लंबे वक्त तक सत्ता में रहने वालों को कभी पानी की किल्लत महसूस नहीं हुई, क्योंकि उनके घरों में उनके स्विमिंग पूल में पानी था, ये कहना है पीएम मोदी का। जिन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘जल जीवन मिशन के 2 वर्ष’ ई-पुस्तिका, जल जीवन कोश और जल जीवन मिशन मोबाइल एप्लिकेशन का विमोचन किया।

जल जीवन मिशन को सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए गए

पीएम मोदी ने कहा कि, ‘’पूज्य बापू और लालबहादुर शास्त्री दोनों महान व्यक्तित्वों के हृदय में भारत के गांव ही बसे थे। मुझे खुशी है कि आज के दिन देशभर के लाखो गांवों के लोग ग्राम सभाओं के रूप में जल जीवन संवाद कर रहे हैं। ऐसे अभूतपूर्व और राष्ट्रव्यापी मिशन को इसी उत्साह, उर्जा से सफल बनाया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा कि, ‘’जल जीवन मिशन का विजन सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है। ये विकेंद्रीकरण का भी एक बहुत बड़ा मूवमेंट है। इसका मुख्य आधार जन आंदोलन और जनभागीदारी है। जल जीवन मिशन को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए आज कई और कदम भी उठाए गए हैं।’’

देश के शहर और गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित हुए

पीएम मोदी ने कहा कि, ”इस अभियान से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह जल जीवन मिशन ऐप पर मिल जाएंगी। गांव के लोग भी अपने यहां के पानी की शुद्धता पर बारीक नजर रख पाएंगे। एक सुखद एहसास हम सभी को है कि बापू के सपनों को साकार करने के लिए देशवासियों ने निरंतर परिश्रम किया है, अपना सहयोग दिया है। आज देश के शहर और गांव खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं। करीब 2 लाख गांवों ने अपने यहां कचरा प्रबंधन का काम शुरू कर दिया है। 40 हजार से ज़्यादा ग्राम पंचायतों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने का फैसला लिया है। खादी की बिक्री भी कई गुना ज़्यादा हो रही है।’’

पानी को प्रसाद की तरह इस्तेमाल करें

पीएम मोदी ने कहा, जल संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए हमें युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि पानी को हमें प्रसाद की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। हमें पानी को लेकर आदतें बदलनी होंगी। पानी बर्बाद करने से लोग बचें। साथ ही किसान भी कम पानी वाली फसलों पर ज्यादा जोर दें। ये विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा अभियान है। ये गांव और महिलाओं द्वारा आगे बढ़ाया जाने वाला मिशन है। इसका मुख्य आधार, जनआंदोलन और जनभागीदारी है।

महिलाओं का 50 फीसदी हिस्सेदारी 

मोदी ने कहा कि गांव की महिलाओं का सशक्तीकरण हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। लड़कियों के स्वास्थ्य पर हमारी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि जल समिति में 50 फीसदी महिलाओं की हिस्सेदारी होगी।  प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय जल जीवन कोष के तहत ग्रामीण इलाकों में घरों, स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी और नल लगवाए जाएंगे। इस कोष में कोई भी व्यक्ति, संस्थान, कंपनी व एनजीओ दान कर सकता है।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त, 2019 में जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन का उद्देश्य हर घर में पानी की सप्लाई पहुंचाना है। वर्तमान में सिर्फ ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 17 प्रतिशत लोगों के पास ही पानी की सप्लाई है।

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