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अंतिम संस्कार के समय जिंदा निकल गया कोरोना पॉजिटिव, पत्नी की जिद से बच गया सुहाग

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट – माया सिंह

पटना :  दिन –प्रतिदिन देश में कोरोना का कहर बढ़ते ही जा रहा है । एक तरफ संक्रमित मरीजों की संख्या तेज रफ्तार से बढ़ रही है तो दूसरी ओर कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है । इसके साथ ही बढ़ रही है श्मशान घाट पर लाइन , अंतिम संस्कार करने के लिये लोगों को घंटोभर इंतजार करना पड़ रहा है । इसी इंतजार में खड़ा  एक परिवार उस वक्त दंग रह गया जब उसने एक आखिरी बार मृतक की चेहरा देखने की इच्छा जाहिर की । दरअसल , पीपीई किट में लिपटा शव उस शख्स का था ही नहीं , जिसका दाह संस्कार करने के लिये वे श्मशान घाट पहुंचे थे ।

जानकर हैरानी होगी की यह पूरा मामला बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े और प्रसिद्ध हॉस्पीटल पीएमसीएच का है । जहां कोरोना संक्रमित लोगों की जिंदगी बचाने के लिये जंग जारी है और रोजाना भारी संख्या में मरीज इलाज के लिये आते हैं । अफसोस की बात है कि यहां कोरोना के खिलाफ लड़ाई कम और लापरवाही ज्यादा देखने को मिल रही है । लापरवाही  का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि जीवित व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट बनाकर शव परिजनों के हवाले कर दिया जा रहा है । बवाल तब हुआ जब दाह संस्कार के समय यह राज खुल गया और सच सबके सामने आ गया ।

बताया जा रहा है कि पटना जिले के मोहमदपुर के रहने वाले चुन्नु  कुमार का पैर दिसंबर 2020 में टूट गया था , जिसके बाद से वह घर पर ही  अपना इलाज करवा रहे थे । फिर 9 अप्रैल को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई , परिजनों ने आनन – फानन में उन्हें पीएमसीएच अस्पताल पहुंचाया , जहां पता चला कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हैं । नियम के मुताबिक इलाज करने से पहले उनका कोरोना टेस्ट करवाया गया , जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव निकला ।

पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही उन्हें कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया गया । परिजनों का कहना है कि शनिवार तक डॉक्टरों ने चुन्नु कुमार में सुधार की बात कही थी लेकिन रविवार की सुबह ही उनकी तबियत बिगड़ने की बात कही और फिर मृत घोषित कर जल्दबाजी में मृत सर्टिफिकेट बनाकर दे दिया । इसके बाद शव को पीपीई में पैक करके परिजनों को दे दिया ।

खुलासा तब हुआ जब चुन्नु के बेटे ने मुखाग्नि देने से पहले चेहरे देखने की कोशिश की , देखा तो उसके पिता नहीं थे । फिर हंगामा मच गया और अस्पातल में शव को भेज दिया गया । खास बात यह है कि परेशान परिजन जब वार्ड में पहुंचे तो चुन्नु उन्हें सही सलामत मिले ।

इस मामले पर पीएमसीएच अधीक्षक आई एस ठाकुर का  ने कहा कि हमारे अस्पताल प्रबंधन से भारी गलती हुई है , जांच की जा रही है । दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी , फिलहाल चुन्नु कुमार स्वस्थ हैं ।

 

 

 

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