1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. पटाखों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सख्त हुई सुप्रीम कोर्ट, कहा- हम जश्न मनाने के खिलाफ नहीं है लेकिन…

पटाखों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सख्त हुई सुप्रीम कोर्ट, कहा- हम जश्न मनाने के खिलाफ नहीं है लेकिन…

सुप्रीम कोर्ट ने आदेशों का पालन न किए जाने पर 6 पटाखा निर्माता कंपनियों को अवमानना नोटिस जारी किया था। इसी मामले पर अदालत में सुनवाई चल रही थी। अपना जवाब दाखिल करने के लिए निर्माताओं ने समय मांगा है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली :  पटाखों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त हो गया है। इसे लेकर उन्होंने कड़ा बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम जश्न मनाने के खिलाफ नहीं है लेकिन ये दूसरों की जान की कीमत पर नहीं हो सकता। इसके साथ ही उन्होंने पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद इसके इस्तेमाल पर नाराजगी जाहिर की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे देश में मुख्य समस्या आदेशों को लागू करने की है।

जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि, ‘उत्सव दूसरों की जान की कीमत पर नहीं हो सकता। हम जश्न मनाने के खिलाफ नहीं हैं। आप त्योहार मनाना चाहते हैं। हम भी मनाना चाहते हैं। लेकिन किस कीमत पर, ये भी हमें सोचना होगा।’

कोर्ट ने आगे कहा कि, ‘पटाखों की वजह से अस्थमा और दूसरे रोगों से पीड़ित लोगों को परेशानी होती है। हर त्योहार, समारोह में पटाखें चलाए जाते हैं और लोग परेशान होते हैं। किसी को इससे कोई लेना-देना नहीं है।’ पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद इसके इस्तेमाल पर नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट ने कहा कि, ‘हमारे पहले के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। आप आज किसी भी जश्न में जाएं, वहां देखेंगे कि पटाखे फूट रहे हैं। खासतौर से लड़ी वाले। हमने इन पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन बाजारों में इन्हें बेचा जा रहा है और इस्तेमाल किया जा रहा है।’

बेंच ने आगे कहा कि, ‘निर्माता कहते हैं कि हमने सिर्फ गोदाम में रखे हैं। पटाखों को गोदाम में क्यों रखा जा रहा है? क्या ये खरीद के लिए नहीं हैं? हम आपको पटाखों को गोदामों में भी रखने की अनुमति नहीं देंगे। ऐसे जोरदार पटाखों की जरूरत क्यों है? हल्के पटाखों से भी जश्न मनाया जा सकता है।’

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेशों का पालन न किए जाने पर 6 पटाखा निर्माता कंपनियों को अवमानना नोटिस जारी किया था। इसी मामले पर अदालत में सुनवाई चल रही थी। अपना जवाब दाखिल करने के लिए निर्माताओं ने समय मांगा है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...