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कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट को रोकने के लिए केंद्र ने दिये आठ राज्यों को ये खास निर्देश, 12 राज्यों में…

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : देश में कोरोना के दूसरी लहर की स्थिरता के साथ ही कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है। जिसने अभी तक 12 राज्यों को अपने चपेट में ले रखा है। हालांकि इस केस के मामले अभी कम है, लेकिन आने वाले समयों में भी यह कम ही रहेगा, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। आपको बता दें कोरोना का यह वेरिएंट अन्य वेरिएंट से अधिक खतरनाक है।

बता दें कि देशभर में अबतक कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के 51 मामले सामने आए हैं, जो 12 राज्यों में दर्ज किए गए। इनमें से सबसे ज्यादा 22 मामले महाराष्ट्र से आए हैं। तमिलनाडु में डेल्टा प्लस के 9 मामले आए। जबकि मध्य प्रदेश में सात, केरल में तीन, पंजाब और गुजरात में दो-दो, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, कर्नाटक में एक-एक मामला सामने आया है।

बता दें कि एनसीडीसी सहित दस संस्थान देश में कोरोना वायरस के जीनोम अनुक्रमण से जुड़े हुए हैं। एनसीडीसी के निदेशक सुजीत सिंह ने कहा कि, “इस डेल्टा प्लस के मामले बहुत सीमित हैं। करीब 50 मामले हैं जो 12 जिलों में सामने आए हैं और यह पिछले तीन महीनों में हुआ है। यह नहीं कहा जा सकता कि किसी भी जिले या राज्य में इसकी वृद्धि की प्रवृत्ति है….”

सरकार ने दिए 8 राज्यों को ये निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण बढ़ाने के साथ ही भीड़ को रोकने, व्यापक जांच करने जैसे रोकथाम उपाय करने का आग्रह किया जहां कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट का पता चला है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर, गुजरात और हरियाणा को लिखे पत्रों में इन उपायों का सुझाव दिया है।

उन्होंने राज्यों से यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि कोविड संक्रमित पाए गए लोगों के पर्याप्त नमूने तत्काल भारतीय सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक कंसोर्शिया की निर्दिष्ट प्रयोगशालाओं में भेजे जाएं ताकि क्लीनिकल महामारी विज्ञान संबंधी सहसंबंध स्थापित किए जा सकें।

भूषण ने कहा कि सार्स-सीओवी-2 का डेल्टा प्लस स्वरूप आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले, गुजरात के सूरत, हरियाणा के फरीदाबाद, जम्मू-कश्मीर के कटरा, राजस्थान के बीकानेर, पंजाब के पटियाला और लुधियाना, कर्नाटक के मैसूरु और तमिलनाडु में चेन्नई, मदुरै और कांचीपुरम में पाया गया है।

वहीं आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में किए गए नमूनों में 50 फीसदी से अधिक में डेल्टा वेरिएंट है। भारत में कोविड-19 के 90 फीसदी मामले बी.1.617.2 (डेल्टा) वेरिएंट के हैं। 35 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के 174 जिलों में चिंताजनक कोविड स्वरूप के मामले पाए गए हैं।

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