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त्रिपुरा हिंसा के विरोध में महाराष्ट्र में निकाली गई रैली में पथराव, 20 गिरफ्तार; अमरावती में धारा 144 लागू

Stone pelting in Maharashtra rally to protest against Tripura violence, 20 arrested; त्रिपुरा में हुए हिंसा की आग की लपटे मुंबई भी पहुंच गई। जिससे एक बार फिर मुंबई हिंसा की शिकार हो गई। पुलिस ने इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली: त्रिपुरा में साम्प्रदायिक हिंसा के विरोध में महाराष्ट्र के पांच जिलों में रैलियां निकाली गई। इस दौरान कई जगहों से रैलियों में पथराव की घटना भी सामने आई। इस घटना के संबंध में कम से कम 20 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वहीं 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आपको बता दें कि इस बात की जानकारी पुलिस ने दी है।

बता दें कि शुक्रवार को कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा निकाली गई रैलियों के दौरान पथराव की घटनाएं मुख्य रूप से अमरावती, मालेगांव और नांदेड़ शहर में हुई थीं। अधिकारियों ने कहा था कि पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में एक ज्ञापन देने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आठ हजार से अधिक लोग इकट्ठा हो गए।

पुलिस का एक वाहन भी क्षतिग्रस्त

इस ज्ञापन में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्याचार को रोकने की मांग की गई थी। जब लोग ज्ञापन सौंप कर निकल रहे थे तब कोतवाली पुलिस थाने के अंतर्गत चित्रा चौक और कॉटन मार्केट के बीच तीन स्थानों पर पथराव हुआ।

एक अधिकारी ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस ने दंगे सहित विभिन्न आरोपों में 11 मामले दर्ज किए हैं और दस लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अमरावती में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, स्थिति अब सामान्य है। मालेगांव में भी शुक्रवार दोपहर विरोध मार्च के दौरान पथराव हुआ। पुलिस ने बताया कि भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठियां चलानी पड़ीं, घटना में पुलिस का एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

10 लोगों को किया गया गिरफ्तार

आपको बता दें कि मालेगांव में कम से कम दस पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं और दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि नांदेड़ में भी पथराव हुआ था जिसमें आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस के चार वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया।

बता दें कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने एक बयान में कहा था कि त्रिपुरा में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा के खिलाफ राज्य में निकाले गए विरोध मार्च ने कुछ जगहों पर हिंसक रूप ले लिया लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।

वहीं मुस्लिम संगठन रजा अकादमी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें त्रिपुरा में हिंसा से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने और क्षतिग्रस्त मस्जिदों के पुनर्निर्माण की मांग की गई।

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