1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर दी बधाई, कही ये बात, पढ़ें

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर दी बधाई, कही ये बात, पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को बधाई दी और सभी के अच्छे स्वास्थ्य और खुशियों की कामना की। उन्होंने ट्वीट किया, "रथ यात्रा के विशेष दिन की बधाई। हम भगवान जगन्नाथ से उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। हम सभी को अच्छे स्वास्थ्य और खुशियां मिले।"

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

आज 01 जुलाई शुक्रवार से शुरु हो रही है। यह 01 जुलाई से प्रारंभ होकर 12 जुलाई तक चलेगी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल जगन्ना​थ रथ यात्रा का प्रारंभ आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से होता है। यह यात्रा कुल 09 दिन की होती है, जिसमें 7 दिन भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा मंदिर में रहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को बधाई दी और सभी के अच्छे स्वास्थ्य और खुशियों की कामना की। उन्होंने ट्वीट किया, “रथ यात्रा के विशेष दिन की बधाई। हम भगवान जगन्नाथ से उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। हम सभी को अच्छे स्वास्थ्य और खुशियां मिले।”

कोरोना महामारी के दो साल के बड़े अंतराल के बाद आज से जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू हो रही है। इस रथ यात्रा में श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने की अनुमति प्रदान की गई है। 12 जुलाई तक चलने वाली इस रथ यात्रा में भगवान जगन्‍नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ तीन भव्‍य रथों में सवार होकर निकलते हैं। इसमें पहला रथ भगवान जगन्‍नाथ का, दूसरा भाई बलराम और तीसरा बहन सुभद्रा का होता है।

भगवान जगन्नाथ हर साल 3 किलोमीटर लंबी यात्रा करके अपनी मौसी गुंडिचा के घर यानी कि गुंडिचा मंदिर जाते हैं। यहां वे 7 दिन तक विश्राम करते हैं और फिर दोबारा जगन्‍नाथ मंदिर लौटते हैं। इन रथों को मोटे रस्सों से खींचा जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भव्‍य यात्रा के लिए कई महीनों पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। हर साल खास मुहूर्त में रथों के लिए लकड़ी इकट्ठी करने का काम शुरू होता है फिर मंदिर के बढ़ई रथों का निर्माण करते हैं। ऐसा बताया जाता है कि इन रथों में ना तो किसी धातु का उपयोग होता है और ना ही कील का। रथों के रंग के अनुसार लकड़ी का चयन किया जाता है, जैसे भगवान जगन्‍नाथ के लिए गहरे रंग की नीम की लकड़ी और उनके भाई-बहन के लिए हल्‍के रंग की नीम की लकड़ी का उपयोग किया जाता है।

 

प्रधानमंत्री ने ‘आषाढ़ी बीज’ के शुभ अवसर पर सभी को, खासतौर पर दुनिया भर में रहने वाले कच्छी समुदाय के लोगों को बधाई दी।

मोदी ने कहा, ‘‘यह आने वाला वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।’’ रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ से जुड़ा एक त्योहार है। यह उसी दिन मनाया जाता है, जिस दिन गुजरात के कच्छी समुदाय के लोग अपना नया साल मनाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान रथयात्रा के महत्व पर साझा किए विचारों का एक वीडियो भी ट्विटर पर साझा किया।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...