1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव को लेकर तैयारिया तेज

प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव को लेकर तैयारिया तेज

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव को लेकर तैयारिया तेज

हर साल 25 दिसंबर को पूरी दुनिया क्रिसमस डे के तौर पर मनाती है। 24 दिसंबर की शाम से इस त्योहार का जश्न शुरू हो जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर इस त्योहार को क्यों मनाया जाता है ? ईसाई समुदाय के लोग इसे यीशू मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं, शुरुआत में ईसाई समुदाय के लोग यीशू यानि ईसा मसीह के जन्मदिन को एक त्योहार के रूप में नहीं मनाते थे, लेकिन, चौथी शताब्दी के आते-आते उनके जन्मदिन को एक त्योहार के तौर पर मनाया जाने लगा।

क्रिसमस का इसाई समाज को वर्ष भर इंतजार रहता है। क्रिसमस नजदीक आते ही उत्साह छा जाता है। प्रभु यीशु के जन्म की घड़ियां नजदीक आ चुकी हैं और इसाई समाज में हर्ष और उल्लास है। चर्च और घरों को विद्युत झालरों से सजाया जा रहा है। क्रिसमस ट्री सजावट में चार चांद लगा रहे हैं।

सद्भावना मिशन के अध्यक्ष सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च के मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने बताया कि 24 दिसंबर को रात 11 बजे वाच नाइट सर्विस क्रिसमस संध्या का आयोजन किया जाएगा। चर्च में प्रार्थना सभा की जाएगी। रात 12 बजते ही क्रिसमस बेल बज उठेगी। प्रभु के अवतरण का संदेश मिल जाएगा। घर-घर में प्रार्थना सभा शुरू हो जाएंगी। 25 दिसंबर की सुबह 9.30 पर क्रिसमस सर्विस पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। क्रिसमस के लिए केक के आर्डर दिए जा चके हैं।

क्रिसमस पर्व का महत्व

क्रिसमस का पर्व खुशियां लाता है। इसदिन एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। पार्टी करते हैं, जश्न मनाते हैं। इस दिन उपहार देने की भी परंपरा है। जीवन में खुशियों को विशेष महत्व हैं। ये पर्व यही संदेश देता है। खुशियां प्रेम से उत्पन्न होती हैं, प्रेम ही व्यक्ति को अच्छा और श्रेष्ठ बनाता है। क्रिसमस के पर्व का जश्न 12 दिनों तक मनाया जाता है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...