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कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए पीएम मोदी का महाभियान, ‘क्रैश कोर्स प्रोग्राम’ की शुरूआत

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने आज ‘क्रैश कोर्स प्रोग्राम’ की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत कोविड-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिससे वे कोरोना के तीसरी लहर में अपनी अहम भूमिका अदा कर सकें। इस कार्यक्रम की शुरूआत 26 राज्यों के 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में की गई है।

क्या है प्रोग्राम का उद्देश्य

इस प्रोग्राम का उद्देश्य देशभर में एक लाख से अधिक कोविड योद्धाओं को कौशल से लैस करना और उन्हेंकुछ नया सिखाना है। कोविड योद्धाओं को होम केयर सपोर्ट, बेसिक केयर सपोर्ट, एडवांस्ड केयर सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट, सैंपल कलेक्शन सपोर्ट और मेडिकल इक्विपमेंट सपोर्ट जैसे छह कार्यों से जुड़ी विशिष्ट भूमिकाओं के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गैर-चिकित्सा स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करना

इस प्रोग्राम को 276 करोड़ रूपए के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के केन्द्रीय घटक के तहत एक विशेष कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है। यह प्रोग्राम स्वास्थ्य के क्षेत्र में श्रमशक्ति की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल गैर-चिकित्सा स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करेगा।

इस कार्यक्रम के संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में करीब 1 लाख फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरु हो रहा है, कोरोना की दूसरी लहर में हम लोगों ने देखा कि इस वायरस का बार बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है, ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और इसके म्यूटेड होने की संभावना भी बनी हुई है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी ने साइंस, सरकार, समाज, संस्था और व्यक्ति के रूप में हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए सतर्क भी किया है, कोरोना से लड़ रही वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए देश में करीब 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है, ये कोर्स 2-3 महीने में ही पूरा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस अभियान से कोविड से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंट लाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे, बीते 7 साल में देश में नए एम्स, नए मेडिकल कॉलेज, नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बल दिया गया है, इनमें से कई ने काम करना भी शुरु कर दिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, उम्मीदवारों को निःशुल्क ट्रेनिंग, स्किल इंडिया का सर्टिफिकेट, भोजन व आवास सुविधा, काम पर प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड एवं प्रमाणित उम्मीदवारों को 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्राप्त होगा।

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