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मां से मिलकर भी मां की नहीं हो सकी गीता !, तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज के हस्तक्षेप से लौटी थी वापस

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : 26 अक्टूबर 2015 जब तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज के हस्तक्षेप के बाद एक बेटी वापस भारत लौटी थी। जिसके बाद शुरू हुई इसकी असल पहचान की खोजबीन, की आखिर इसकी मां कौन है और यह किस परिवार से ताल्लुक रखती है। समय दर समय गुजरता गया, दिन भी साल में बदल गये। और साल 6 सालों में। आपको बता दें कि उस बेटी का नाम है गीता, जिसकी अब असली पहचान मिल चुकी है। लेकिन इस पहचान के मिलने के बाद भी वो पूरी नहीं हुई है।

दरअसल गीता के माता-पिता और परिवार का तो पता चल गया है, लेकिन अभी भी खुद को उस मां की बेटी साबित करने के लिए गीता उर्फ राधा वाघमारे को DNA की परीक्षा से गुजरना है। जिसके बाद ही यह साबित हो पायेगा कि गीता आखिर सच्च में राधा वाघमारे हैं या गीता अभी भी गीता है। खबरों की मानें तो गीता के परिवार में सिर्फ उसकी मां है। पिता की मौत हो चुकी है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान में ईधी वेलफेयर ट्रस्ट चलाने वाली बिलकिस ईधी ने दावा किया कि गीता को उसका परिवार मिल गया है। गीता का असली नाम राधा वाघमारे है और महाराष्ट्र के नाईगांव में उसकी मां रहती है। बता दें कि गीता 26 अक्टूबर 2015 को तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद भारत लौटी थी। शुरुआत में  इंदौर स्थित एक एनजीओ के पास रखा गया फिर 20 जुलाई 2020 को आनंद सर्विसेज सोसाइटी नाम की एक एनजीओ को सौंप दिया गया था।

आनंद सर्विसेज सोसाइटी के ट्रस्टी ज्ञानेंद्र पुरोहित अनिकेत शेलगोकर को जानते थे। वे परभनी में पहल फाउंडेशन नाम का एक एनजीओ चलाते है। गीता अनिकेत के साथ बात करने में अधिक सहज थी। इसके बाद उसे पहल फाउंडेशन भेजा गया। जनवरी 2021 से ही अनिकेत, गीता को उसके असली माता-पिता का पता लगाने में मदद कर रहे थे। गीता ने बताया था कि उनका परिवार एक मंदिर के पास रहता था जिसके पास एक नदी बहती थी। उसने यह भी बताया था कि उसके घर के पास कई गन्ने और धान के खेत थे।

गीता की बताई बातों के आधार पर अनिकेत, ज्ञानेंद्र पुरोहित और एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने पहले नांदेड़ जिले के धर्मबाद के आस पास यात्रा की। फिर वे नासिक जिले में गए। फिर परभणी जिले के पूर्णा तालुका पहुंचे। फिर गंगाखेड गांव में भी खोज की। अंत में उन्हें गीता की मां और बहन परभणी जिले के जिंतुर में मिलीं।

गीता की असली मां होने का दावा करने वाली मीना ने बताया कि उनकी बेटी 1999-2000 में लापता हो गई थी। समाज के डर से बेटी के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। खैर बात जो भी हो लेकिन गीता को असल पहचान उसकी DNA रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पायेगी।

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