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लीक हुए दस्तावेजों में सामने आया दुनिया के 91 देशों के 330 से ज्यादा नेताओं और बड़े हस्तियों के नाम, सचिन और इमरान के नाम भी शामिल!

दुनिया के सबसे बड़े महाघोटाले के खुलासे के बाद लगातार इसमें ऐसे कई नाम सामने आ रहे है, जो काफी चौंकाने वाले है। जिनमें पहला नाम क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर का हैं तो वहीं खुद को दिवालिया घोषित कर चुके बिजनेसमैन अनिल अंबानी का है। और तीसरा नाम है कंगाली के चौराहें पर खड़े पाकिस्तान का नाम, जिसके कई नेता इस घोटाला में शामिल है।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : दुनिया के सबसे बड़े महाघोटाले के खुलासे के बाद लगातार इसमें ऐसे कई नाम सामने आ रहे है, जो काफी चौंकाने वाले है। जिनमें पहला नाम क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर का हैं तो वहीं खुद को दिवालिया घोषित कर चुके बिजनेसमैन अनिल अंबानी का है। और तीसरा नाम है कंगाली के चौराहें पर खड़े पाकिस्तान का नाम, जिसके कई नेता इस घोटाला में शामिल है।

आपको बता दें कि जिस हम महाघोटाले की बात कर रहे है, उसका नाम है पैनडोरमा पेपर्स। इस पेपर में दुनिया के 91 देशों के 330 से ज्यादा नेताओं, सरकारी अधिकारियों, भगोड़ों, चोरों, कलाकारों, हत्यारों और बड़ी हस्तियों के नाम हैं। इसका खुलासा फाइनेंशियल सीक्रेट्स को उजागर (Scam) करने वाले अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (ICIJ) ने किया है।

बड़े नेताओं के अवैध लेन-देन की खुली पोल

बता दें कि ये सीक्रेट दस्तावेज जॉर्डन के राजा, यूक्रेन, केन्या और इक्वाडोर के राष्ट्रपतियों, चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के छुपे हुए लेन-देन को उजागर करते हैं। फाइलें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अनौपचारिक प्रचार मंत्री और रूस, अमेरिका, तुर्की और अन्य देशों के 130 से ज्यादा अरबपतियों की आर्थिक गतिविधियों की भी डिटेल देती है।

इस देश के प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़

फ्रेंच रिवेरा में 2.2 करोड़ डॉलर यानी 1 अरब 63 करोड़ रुपये का एक शैटॉ, एक सिनेमा और दो स्विमिंग पूल चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री ने अवैध तरीके से खरीदे। ये खुलासा करके एक अरबपति ने आर्थिक और राजनीतिक वर्ग के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है।

ग्वाटेमाला के सबसे शक्तिशाली परिवारों में से एक राजवंश, जो साबुन और लिपस्टिक ग्रुप पर कंट्रोल करता है, जिस पर मजदूरों और पृथ्वी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है, उनकी एक अमेरिकी ट्रस्ट में 1.3 करोड़ डॉलर या 96 करोड़ 40 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी है।

जॉर्डन के राजा ने किया घोटाला!

अरब स्प्रिंग के दौरान बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में जॉर्डन के लोगों ने सड़कों पर धरना दिया था लेकिन उसके कुछ ही साल बाद जॉर्डन के राजा ने मालिबू में तीन समुद्री तटों को 6.8 करोड़ डॉलर यानी 5 अरब 4 करोड़ रुपये में खरीद लिया। बता दें कि इन्ही सीक्रेट दस्तावेजों को पेंडोरा पेपर्स (Pandora Papers) के रूप में जाना जाता है।

क्या है पैंडोरा पेपर लीक?

पैंडोरा पेपर्स लीक दुनियार के करीब 12 मिलियन (1.20 करोड़) दस्तावेजों को दिन रात खंगालने के बाद दुनिया भर में चल रही पैसों की लेन-देन और हेराफेरी को लेकर बहुत बड़ा खुलासा करता है। ये एक ऐसा लीक है, जो छिपी हुई संपत्ति, टैक्स से बचने के तरीकों, दुनिया के कुछ अमीर और शक्तिशाली लोगों द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा करता है। 117 देशों के 600 से ज्यादा पत्रकारों और 140 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन ने कई महीनों तक लगातार काम किया और 14 अलग अलग स्रोतों से दस्तावेजों को खंगालते हुए तमाम खुलासे किए हैं। ये खुलासा इंटरनैशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ने किया है, जो विश्व का सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है। पैंडोरा पेपर्स लीक में दुनिया के कई देशों की बड़ी हस्तियों का नाम है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के भी कई नेता शामिल है। भारत के सचिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भी इस लीक में नाम आया है।

‘पैंडोरा पेपर लीक’ में सचिन का नाम ‘पैंडोरा पेपर लीक’ में भारत के कई बड़ी हस्तियों के नाम हैं, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ रुपये का घोटाला कर विदेश भाग जाने वाले हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर भी खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नीरव मोदी की बहन ने उसके भागने से करीब एक महीने पहले ही एक ट्रस्ट बनाकर पैसों की हेराफेरी की थी। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि, पांच साल पहले पनामा पेपर्स लीक के बाद भारत हस्तियों ने संभल कर अपनी संपत्ति को ‘रीऑर्गनाइज’ करना शुरू कर दिया था। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने भी पनामा पेपर्स लीक के तीन महीने बाद वर्जिन आइलैंड में मौजूद अपनी संपत्ति को बेचने की कोशिश की थी।

लिस्ट में 300 भारतीयों के नाम इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पैंडोरा पेपर्स लीक में भारत के 300 से ज्यादा बड़ी हस्तियों के नाम हैं, जिनमें से 60 मशहूर शख्सियतों के बारे में सबूतों का पिटारा ही हाथ लग गया है। ‘पैंडोरा पेपर लीक’ करने वाली संस्था का कहना है की धीरे-धीरे नामों का खुलासा सबूतों के साथ किया जाएगा। बताया गया है कि इन लोगों ने टैक्स से बचने के लिए कई तरह के गैर-कानूनी काम किए, जिनमें समोआ, बेलीज, कुक आइलैंड के अलावा ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और पनामा में टैक्स हेवन बनाने का काम किया है।

भारत की जीडीपी से ज्यादा टैक्स चोरी ‘पैंडोरा पेपर्स लीक’ करने वाली संस्था आईसीआईजे के मुताबिक, दुनियाभर के अमीर कारोबारियों, राजनेताओं और हस्तियों ने कितने पैसों की हेराफेरी की है, ये निश्चित तौर पर बताना नामुमकिन है, लेकिन आईसीआईजे का अनुमान है कि, दुनियाभर में करीब 5.6 ट्रिलियन डॉलर से 32 ट्रिलियन डॉलर तक रुपये विदेश में बेनामी कंपनी बनाकर जमा किए गये और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि, टैक्स हेवन के उपयोग से दुनिया भर में सरकारों को हर साल टैक्स के तौर पर करीब 600 अरब डॉलर गंवाया है। एक्सपर्ट ने कहा कि, ये देश और समाज के लिए काफी ज्यादा घातक है। इसका असर सीधे तौर पर देश के लोगों के जीवन पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, विकास की योजनाओं पर असर पड़ता है।

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