1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. देश-दुनिया के इतिहास में आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, पढ़ें

देश-दुनिया के इतिहास में आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, पढ़ें

11 मार्च के दिन कई महान लोगों ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।  वैसे ही कई महान शख्सियत ने जन्म लिया। चलिए 11 मार्च  के सफर पर इतिहास  से अच्छा शिक्षक कोई दूसरा हो ही नहीं सकता. इतिहास सिर्फ अपने में घटनाओं को नहीं समेटे होता है बल्कि इन घटनाओं से भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। हर गुजरता दिन इतिहास में कुछ घटनाओं को जोड़कर जाता है।

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

11 मार्च के दिन कई महान लोगों ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।  वैसे ही कई महान शख्सियत ने जन्म लिया। चलिए 11 मार्च  के सफर पर इतिहास  से अच्छा शिक्षक कोई दूसरा हो ही नहीं सकता. इतिहास सिर्फ अपने में घटनाओं को नहीं समेटे होता है बल्कि इन घटनाओं से भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। हर गुजरता दिन इतिहास में कुछ घटनाओं को जोड़कर जाता है। इतिहास में 11 मार्च की तारीख पर जो घटनाएं दर्ज हैं उनमें जापान में आया भीषण भूकंप और उसके बाद समुद्र में उठी प्रलंयकारी सुनामी सबसे प्रमुख है।

वह 11 मार्च 2011 का दिन था, जब जापान में प्रशांत तट पर तोहोकू के पास समुद्र में रिक्टर पैमाने पर 9 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद सुनामी ने भयंकर तबाही मचाई और 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत के साथ ही संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। यह जापान के इतिहास का अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। 11 मार्च 1881 में रामनाथ टैगोर की प्रतिमा कोलकाता के टाउन हॉल में स्थापित की गई। इंफोसिस कंपनी पहली भारतीय कंपनी है जो 11 मार्च 1999 में नशदाक अंतरराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की सूची में आई। पुलेला गोपीचंद 11 मार्च 2001 में बैडमिंटल में विश्व चैंपियन बने थे ।

पुलेला गोपीचंद स्कूल के दिनों में क्रिकेट बहुत अच्छा खेला करते थे। वो क्रिकेटर बनना चाहते थे। क्रिकेट के अलावा वो बैडमिंटन भी अच्छा खेला करते थे। उनके बड़े भाई ने एक दिन उन्हें बैडमिंटन खेलने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि ‘क्रिकेट में शायद तुम भीड़ में खो जाओ, लेकिन बैडमिंटन में तुम्हारी एक अलग ही पहचान बनेगी’ गोपी ने बड़े भाई की बात मानते हुए बैडमिंटन की प्रैक्टिस शुरू कर दी. लगातार प्रैक्टिस ने गोपी को ऐसा बैडमिंटन चैम्पियन बना दिया। जिसके चर्चे हर तरफ होने लगे. गोपी ने अपनी शुरूआती ट्रेनिंग एसएम आरिफ से प्राप्त की, इसके बाद प्रकाश पादुकोण ने उन्हें बीपीएल प्रकाश पादुकोण अकादमी में शामिल कर लिया. गोपी ने एसएआई बैंगलौर में गांगुली प्रसाद से भी ट्रेनिंग ली।

1996 में गोपी ने अपना पहला राष्ट्रीय बैडमिंटन चैम्पियनशिप खिताब जीता, उन्होंने वर्ष 2000 तक एक श्रृंखला में पांच बार खिताब जीते। 2001 में चीन के चेन होंग को फाइनल में हराते हुए ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की। इस तरह से प्रकाश पादुकोण के बाद इस जीत को हासिल करने वाले दूसरे भारतीय बन गए, जिन्होंने 1980 में जीत हासिल की थी. उन्हें वर्ष 2001 के लिए राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गयाष। 2005 में उन्हें पद्मश्री और 2014 पद्मभूषण से भी नवाजा जा चुका है। अब गोपीचंद बैडमिंटन अकेडमी चलाते हैं। 11 मार्च को जन्मे व्यक्ति 11 मार्च 1927 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता भारतीय महिला चिकित्सक वी.शांता का जन्म हुआ था। 11 मार्च 1915 में क्रिकेट खिलाड़ी विजय हजारे का जन्म हुआ था।

11 मार्च को हुए निधन 10 मार्च को कई  दिग्गजों ने इस दुनिया को अलविदा भी कहा था। 1980 में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री चन्द्रभानु गुप्त का निधन हुआ था। औरंगजेब ने 11 मार्च 1689 में छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी की हत्या की थी 11 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव अंडमान-निकोबार दिवस क्यों मानते हैं- अंडमान-निकोबार दिवस या इतना मत्वपूर्ण क्यों है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह  जिसे बाई- आइलैंड  के नाम से जाना जाता है, समुद्री और पारिस्थितिकी दृष्टिकोण से भारत के लिये बहुत महत्त्व रखता है।  भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र का लगभग 30% भाग प्रदान करता है। ये द्वीप न केवल भारत को एक प्रमुख समुद्री शक्ति मानते हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र की सामरिक और सैन्य गतिशीलता को आकार देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत हिंद महासागर में अपने लाभों को बनाए रखना चाहता है, अतः भारत को इस क्षेत्र में चुनौतियों के समाधान हेतु अपने द्वीपीय क्षेत्रों एवं गैर- पारंपरिक सुरक्षा क्षेत्रों का रुख करना चाहिये। अंडमान और रीयूनियन द्वीप ऐसा करने के लिये एक बेहतर प्रारंभिक बिंदु प्रदान करते हैं ।

11 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1996 – सैटेनिक वर्सेज के लेखक सलमान रुश्दी के ख़िलाफ़ फ़तवा को ईरान ने वापस लिया।

1999 – इंफोसिस कंपनी पहली भारतीय कंपनी है जो नशदाक (NASDAQ) अंतरराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की सूची में आई।

2001 – संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान का एशिया के चार देशों की यात्रा पाकिस्तान से प्रारम्भ, अन्नान कश्मीर पर भारत के रुख़ से सहमत, बौद्ध प्रतिमाओं के ध्वंस के संबंध में तालिबान ने अन्नान का अनुरोध ठुकराया।

2004 – स्पेन में तीन रेलवे स्टेशनों पर हुए बम विस्फोटों में 190 मरे, 1200 घायल।

2006 – यूनानी संसद ने दाह-संस्कार को अनुमति देने वाले क़ानून को बहुमत से पारित किया।

2008 – मेघालय में 8वीं विधानसभा के 57 सदस्यों ने शपथ ली। उत्तर प्रदेश के दोनों सदनों में विनियोग विधेयक ध्वनि मत से पारित हुआ। पाकिस्तान के लाहौर में दो आत्मघाती विस्फोटों में 26 लोग मारे गये। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के यान एंडेवर ने अंतरिक्ष स्टेशन की ओर उड़ान भरी।

2011 – भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों ने उड़ीसा के समुद्र तट पर 350 किलोमीटर दूर तक मार करने वाली धनुष और पृथ्वी मिसाइलों का सफल परीक्षण किया।

11 मार्च को जन्मे व्यक्ति

1915 – विजय हज़ारे – भारत के जानेमाने क्रिकेट खिलाड़ी थे।

1925 – मदनसिंह मतवाले – हैदराबाद रियासत के साथ संघर्ष करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक।

1927 – वी. शांता – रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता भारतीय महिला चिकित्सक थीं।

1939 – सुदर्शन साहू – प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार हैं।

1942 – अमरिंदर सिंह – पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री।

1951 – डॉ. अशोक बंसल – जानेमाने भारतीय पत्रकार और लेखक हैं।

1954 – विनोद दुआ – प्रसिद्ध भारतीय समाचार वक्ता, हिंदी टेलीविजन पत्रकार एवं कार्यक्रम निर्देशक थे।

1961 – मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान – अबु धाबी के राजकुमार।

11 मार्च को हुए निधन

1699 – शम्भाजी – शिवाजी के ज्येष्ठ पुत्र और उत्तराधिकारी थे।

1980 – चन्द्रभानु गुप्त – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...