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रामनगर के रिजॉर्ट में कोसी नदी का पानी घुसने से सौ लोग फंसे, भारी बारिश ने ली 24 लोगों की जान

रामनगर के मोहान स्थित लेमन ट्री रिसोर्ट में कोसी नदी का पानी घुसा गया है । रिजॉर्ट में करीब सौ लोग फंसे हैं। जिसमे पर्यटक और स्टाफ शामिल हैं। मदद के लिए फिलहाल अभी कोई नहीं पहुँच पाया है। उधर चुकुम के प्रधान जस्सी राम ने बताया कि गांव में लगातार हो रहे भू कटाव के कारण तीन मकान बह गए हैं, लोग जंगल की ओर शरण ले रहे हैं और इसी सब के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

By RNI Hindi Desk 
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रिर्पोट: अनुष्का सिंह

 

नई दिल्ली : उत्तुराखंड मे लगातार हो रही बारिश ने जीना मुहाल कर दिया। तेज़ और लगातार बारिश के चलते एक के बाद एक कई हादसे की खबर सामने आ रही है। जिसमे जान और माल दोनो का नुकसान हो रहा है। ऐसी ही कुछ खबरों मे से एक है नैनीताल की खबर, जिसमे नैनीताल के जिले के रामगढ़ ब्लॉीक के झुतिया गांव मे मकान ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ऐसा ही एक और वाकया राजस्व गाँव सकुना का है जहाँ तड़के मकान में पहाड़ी से मलबा आ गया। कमरे में 10 मजदूर सो रहे थे। जिसमें से एक तो उठकर बाहर कूद गया। जिसकी हालत गम्भीर बतायी जा रही है। लेकिन नौ मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई। सुबह ग्राम प्रधान सुरेश मेर ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रशासन की टीम को घटना की जानकारी दी। रास्तेस बंद होने के कारण प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर नहीं पहुंच पा रही है।

 

वहीं रामनगर के मोहान स्थित लेमन ट्री रिसोर्ट में कोसी नदी का पानी घुसा गया है । रिजॉर्ट में करीब सौ लोग फंसे हैं। जिसमे पर्यटक और स्टाफ शामिल हैं। मदद के लिए फिलहाल अभी कोई नहीं पहुँच पाया है। उधर चुकुम के प्रधान जस्सी राम ने बताया कि गांव में लगातार हो रहे भू कटाव के कारण तीन मकान बह गए हैं, लोग जंगल की ओर शरण ले रहे हैं और इसी सब के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

अल्मोणड़ा जिले में बारिश के भिकियासैंण तहसील के रापड़ गांव में पहाड़ी से मलबा आने के कारण एक मकान ध्वमस्ता हो गया। हादसे में तीन लोगों की दबकर मौत हो गई। कुछ लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई है । एसडीआरएफ की टीम मौके पर रेस्क्यू कर रही है। अल्मोोड़ा में ही हीरा डूंगरी नामक जगह पर एक मकान की दीवार गिरने से किशोरी अरुमा सिंह पुत्री त्रिलोक सिंह मलबे में दब गई। उसका शव बरामद कर लिया गया है। बागेश्वकर के कपकोट के भनार गांव के एक युवक पहाड़ से गिर रहे पत्थरों की चपेट में आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई है।

आपको बता दे कि लगातार हो रही इस बारिश ने बेज़ुबान जानवरो के घर पर भी कहर ढ़ा रखा है। इस बारिश के कारण कार्बेट पार्क में जिप्सी सफारी के लिए बनाए गए कच्चे रूट बह गए हैं। विभाग जंगल में निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त रूटों की जानकारी जुटाकर नुकसान का आकलन करेगा। ऐसे में अभी पर्यटन शुरू होने में समय भी लग सकता है। ऐसे में पर्यटन सीजन में कॉर्बेट को फिर नुकसान हो सकता है।

वहीं आपको बता दे कि पिथौरागढ़ जिलेभर में भी भारी बारिश का दौर जारी है। उच्च हिमालय में हिमपात हो रहा है। जिसके कारण उच्च हिमालयी के सभी गांव बर्फ से ढक चुके हैं। सोमवार सुबह से भारी संख्या में वाहन और यात्री फंसे हैं। जिले का अन्य जिलों से ओर जिला मुख्यालय का अन्य तहसीलो से संपर्क कटा हुआ है। सभी नदी नाले उफान पर है। मुनस्यारी के मालूपाती ओर पिथौरागढ़ के क्वीताड़ गांव में दो मकान क्षतिग्रस्त हो चुके है। जिले में अभी तक जन ओर पशुहानि की कोई सूचना नहीं है।

ऐसा ही हल्द्वाओनी मे देखने को मिला जहाँ इंदिरानगर बाइपास स्थित गौला के नए पुल की सड़क भारी बारिश की वजह से गायब हो गई। गौलापार व चोरगलिया के हजारों लोगों के अलावा खटीमा व उत्तर प्रदेश की गाड़ियां तक इससे होकर गुजरती थी। पुल का बड़ा हिस्सा गायब होने की वजह से फिलहाल पुलिस-प्रशासन ने बैरिकेड लगा रास्ते को बंद कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट व तहसीलदार ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा भी लिया।

साथ ही गरमपानी खैरना क्षेत्र में तीन मकान शिप्रा नदी के बहाव में बह गए हैं। फिलहाल जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। कई घरों में पानी भर चुका है करीब 200 से ज्यादा लोगों को जीआईसी खैरना, सीएचसी व तहसील में शिफ्ट किया गया है। शिप्रा नदी का वेग बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने मुनादी कराकर बाजार खाली करने का आह्वान किया है। लोग दहशत में हैं।

वहीं चम्पावत में विगत 36 घण्टे से हो रही बारिश जारी है। बारिश से कई जगह भूस्खलन होने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। शारदा, लोहावती, गंडक, लधिया समेत अन्य नदी नाले उफान पर है। एनएच समेत कई ग्रामीण सड़कों पर मलवा आने से बन्द हो गई। अभी फिलहाल नुकसान की कोई सूचना नही है। आपदा कंट्रोल रूप इसकी जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। सोमवार को जरूर सेलखोला में मां-बेटे की मलवे में दबने से मौत हुई थी।

इसी कहर मे  भीमताल में मकान ढहने से एक बच्चाो मलबे में दब गया है। अल्मोबड़ा जिले में एक मकान पर पहाड़ी से मलबा आने के कारण तीन लोगों की दबकर मौत हो गई है। अल्मोदड़ा नगर में भी मकान की दीवार गिरने से किशोरी की दबकर मौत हो गई। सिलसिला अभी भी ख्तम नही है।बागेश्व र जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थेर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर खीनापानी क्षेत्र में मलबे में दबने से दो श्रमिकों की मौत हो गई है। फिलहाल 24 लोगों के मौत की खबर है। और बिलकुल ऐसे ही धारी तहसील के चौखुटा गांव में भूस्खतलन की जद में आए मकान में एक ही परिवार के छह लोगों की दबकर मौत हो गई।.

साथ ही आपको बता दे कि नैनीताल का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है। नैनीताल झील का पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा है। काठगोदाम रेलवे स्टेकशन पर करीब सौ मीटर का संटिंग नेक गौला नदी में बह गया। जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन निरस्ते कर दिया गया है। पहाड़ के दर्जनों मार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए हैं।

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