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24 घंटे में ही सरकार ने वापस लिया ब्याज दर घटाने का फैसला, वित्त मंत्री ने कहा गलती हो गई

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की तरफ से बुधवार को मीडिल क्लास के लोंगो पर एक और भार डाल दिया गया था। जिससे सभी केंद्र सरकार के इस आदेश की जमकर आलोचना कर रहे थे। लेकिन 24 घंटे बीतते –बीतते सरकार को समझ आ गया कि कहीं न कहीं कुछ गलत हो गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने का फैसला ले लिया था। जो सीधा मीडिल क्लास के लोगों के जेब पर भार डालता। हो रहे विरोध के बीच 24 घंटे के भीतर ही वित्त मंत्रालय ने अपना आदेश वापस लिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गलती मानते हुए कहा कि गलती से ब्याज दर घटाने का आदेश जारी हो गया था।  वित्त मंत्री ने आश्वस्थ किया कि सभी योजनाओं पर ब्याज दरें वही रहेगी, जो पिछले साल मार्च तिमाही में थी। लघु बचत योजनाओं पर पुरानी ब्याज दर जारी रहेगी। बचत खाते में जमा रकम पर सालाना चार प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।

बुधवार को सरकार ने लोक भविष्य निधि (PPF) और राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र  NSC समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की कटौती करदी थी। सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि यह आदेश एक अप्रैल से शुरू 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गई थी। सरकार ने यह कदम ब्याज दर घटने के रुझान के अनुरूप उठाया था। वित्त मंत्रालय अधिसूचना जारी कर कहा था कि PPF पर ब्याज 0.7 प्रतिशत कम कर 6.4 प्रतिशत जबकि NSC पर 0.9 प्रतिशत कम कर 5.9 प्रतिशत कर दी गई है।

सरकार ने पांच वर्ष की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर 0.9 प्रतिशत घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दी थी। आपको बता दें कि इस योजना के तहत ब्याज तिमाही आधार पर दिया जाता है। पहली बार ऐसा हुआ था जब बजत खाते में जमा रकम पर ब्याज 0.5 प्रतिशत घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दी गई। अबतक इस पर सालाना 4 प्रतिशत ब्याज मिलता था। ब्याज में सर्वाधिक 1.1 प्रतिशत की कटौती एक साल की मियादी जमा राशि पर की गई थी। लेकिन अब पुरानी ब्याज दर 5.5 प्रतिशत ही रहेगी।

इसके साथ ही, सरकार ने दो साल के लिए मियादी जमा पर ब्याज 0.5 प्रतिशत घटाने का फैसला किया था, हो रहे विरोध के बीच सरकार ने इस योजना को भी वापस ले लिया है। पुराने योजना के तहत 5. 5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। वहीं  तीन साल की जमा पर पुराना ब्याज दर ही जारी रहेगा। जबकि पांच साल की जमा पर ब्याज 0.9 प्रतिशत कम नहीं होगा। पुरानी स्कीम ही जारी रहेगी।

सरकार ने बालिकाओं के लिए बचत योजना सुकन्या समृद्धि योजना पर भी झटका दिया था। सुकन्या समृद्धि योजना खाते पर ब्याज 2021-22 की पहली तिमाही के लिए 0.7 प्रतिशत घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया था। लेकिन इस पर 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।  किसान विकास पत्र पर सालाना ब्याज 6.9 प्रतिशत ही रहेगा।

 

 

 

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