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दुनिया को तबाह कर रहा है FACEBOOK? पूर्व कर्मचारी ने खोली पोल; अब जांच शुरु…

Facebook exposed: दुनिया भर में हिंसा को बढ़ावा देता है फेसबुक ये कहना है फेसबुक की पूर्व कर्माचरी फ्रांसिस होगेन (Frances Haugen) का। फ्रांसिस (Frances Haugen) ने इस मुद्दे में कई दस्तावेज को सामने रखा है, जिन्हे देखकर ये साफ हो जाता हो कि वो जो कह रही है सब सही है। हालांकि फेसबुक की तरफ से बयान जारी किया गया है इन बातों में कोई दम नहीं है केवल ये बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच हो रही है।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली: क्या हो जब आपको पता चले कि फेसबुक दुनिया के लिए और आपके बच्चों के लिए एक खतरा हो? जी हां ऐसा ही कुछ हाल ही में खुलासा हुआ है और ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद फेसबुक में काम कर चुकी पूर्व कर्मचारी ने किया है। दरअसल,  फेसबुक की चर्चित पूर्व डेटा वैज्ञानिक फ्रांसिस होगेन (Frances Haugen) ने कहा है कि फेसबुक बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, लोकतंत्र और समाज के लिए बड़ा खतरा है। ये भेदभाव पैदा करता है। चुने गए जनप्रतिनिधियों को इस पर काबू करना चाहिए। क्योंकि फेसबुक कंपनी जानती है कि उसके इंटाग्राम जैसे एप सुरक्षित नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद कंपनी सुधार के लिए कोई कार्रवाई नहीं करती है।

अमेरिकी सीनेट में लगभग तीन घंटे तक चली अपनी गवाही में फ्रांसिस (Frances Haugen) ने कहा कि फेसबुक बच्चों को जानबूझकर अपने एप की लत लगाने की कोशिशों में रहती है। सीनेट की इस गवाही का नेतृत्व करने वाले कनेक्टिकट के डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेन्थल ने कहा कि फ्रांसिस की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी बहुत ही सनसनीखेज है।

Frances Haugen

उन्होंने कंपनी की उन आंतरिक बातों का खुलासा किया है जिसके बारे में फेसबुक हमेशा से पर्दा डाले रखती थी। फ्रांसिस ने अपनी गवाही में भी दोहराया कि फेसबुक की ‘प्रॉफिट-ओवर-सेफ्टी’ (सुरक्षा पर लाभ को तरजीह देने) की रणनीति सबसे अधिक जिम्मेदार है।

  • म्यांमार और इथोपिया में गृहयुद्ध के दौरान झूठी सूचनाएं चलीं। फेसबुक ने माना था नफरत फैलाने वाले पोस्ट पर रोक नहीं लग पाई।
  • चीन- ईरान मामले में ऐसा ही हुआ। एकाधिकारवादी सरकारों ने फेसबुक का पक्ष में इस्तेमाल किया।
  • फेसबुक ने आतंक रोधी अपने सेल में सोची समझी रणनीति के तहत स्टाफ को कम किया।

वही काफी हंगामे के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग सामने आए और कहा कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है कि सोशल मीडिया का एक एप बच्चों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा फेसबुक कभी फायदे को सुरक्षा के मुकाबले में तवज्जो नहीं देती है। फेसबुक कर्मचारियों को लिखे ब्लॉग में उन्होंने कहा है, हम जानबूझकर ऐसे कंटेंट को आगे नहीं बढ़ाते जो लोगों को नुकसान पहुंचाए।

निगेटिव इमोजी हुए ज्यादा वायरल

लोगों के पोस्ट फेसबुक (FACEBOOK) के इस एल्गोरिदम वाले फॉमूले के कारण निगेटिव इमोजी से बहुत ज्यादा वायरल होने लगे। लेकिन इससे फेसबुक पर हेट स्पीच का ट्रेंड भी बहुत ज्यादा बढ़ गया। क्योंकि यूजर्स को एल्गोरिदम के कारण निगेटिव पोस्ट पर ज्यादा पब्लिसिटी मिलने लगी। फेसबुक की व्हिसल ब्लोअर फ्रांसिस होगेन ने भी सीनेट में अपनी पेशी के दौरान बताया था कि फेसबुक का एल्गोरिदम जन हितों को ताक पर रखता है। कंपनी को अपने मुनाफे से ही सरोकार है।

पांच साल पहले हुई थई शुरुआत

फेसबुक पिछले पांच साल से अपने यूजर्स के लिए इस फॉमूले पर काम कर रहा है। इससे निगेटिव न्यूज फीड कंटेट को और ज्यादा वायरल किया जाता है। लेकिन इससे समाज में वैमनस्य बढ़ने के दुष्प्रभावों के बारे में फेसबुक ने कोई ध्यान तक नहीं देना उचित समझा।

कौन है फ्रांसिस होगेन

अयोवा की रहने वाली हौगेन की उम्र 37 साल है। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। इसके अलावा मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। हौगेन ने 15 साल तक गूगल, पिंट्रेस्ट और येल्प जैसी कई टेक कंपिनयों में काम किया है। फेसबुक में उन्हें प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया था।

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