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आज भी गुमनामी की जिंदगी जी रही हैं इस CM की बहन, कहा जब मिलते हैं तो बच्चों बातें करते हैं बड़ों से…

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: सोमवार को विश्व महिला दिवस मानाया जा रहा है, विश्व महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद होता है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर किया जाय। विश्व महिला दिवस का इस साल का थीम #CHOOSETOCHALLENGE जिसका उद्देश्य है कि बदलती हुई दुनिया एक चुनौतीपूर्ण दुनिया है और व्यक्तिगत तौर पर हम सब अपने विचार और कार्य के लिए ज़िम्मेदार हैं। आगे कहा गया है कि “हम सब लैंगिक भेदभाव और असमानता को चुनौती दे सकते हैं। हम सब महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मना सकते हैं। सामूहिक रूप से, हम सब एक समावेशी दुनिया बनाने में योगदान दे सकते हैं।“

वहीं दूसरी तरफ आज हम आपको उस महिला के बारे में बतायेंगे, जो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कुठार गांव की रहने वाली हैं। इनका नाम शशि देवी है, जो पति के साथ मिलकर चाय-पकौड़ी की दुकान चलाती हैं। इनके इस पहचान से तो ये साधारण महिला समझ में आती है। लेकिन अगर इनकी दूसरी पहचान कराई जाय तो ये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहन हैं। इस पहचान से तो आप इनको समझ ही गयें होंगे। आइये जानते हैं इनके बारे में…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन हैं, शशि देवी, ये सीएम योगी से 6 साल बड़ी हैं। इनको एक बेटा और दो बेटी हैं। शशि देवी अपने पति के साथ तीर्थ नगरी ऋषिकेश में चाय की दूकान चलाती हैं। शशि देवी का ससुराल ऋषिकेश में है। इनके पति पूरन सिंह पयाल पूर्व ग्राम प्रधान भी रह चुके हैं। इसके साथ ही नीलकंठ मंदिर के पास इनका एक लॉज भी है।

आपको बता दें कि शशि देवी की एक दुकान नीलकंठ मंदिर के पास है, तो दूसरी भुवनेश्वरी मंदिर के पास है। इन दोनो दुकानों में चाय, पकौड़ी और प्रसाद मिलता है। शशि देवी अपने भाई और सीएम योगी के बारे में बताते हुए कहा कि योगी का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है। जब उन्होंने संन्यासी का रुप धारण किया तब उन्होने अपना नाम योगी आदित्यनाथ रख लिया था।

शशि देवी ने बताया कि जब वो घर में थे, तो वो मेरे हाथ का बना खाना खाते थे। संन्यास धारण करने के बाद से उन्होने घर का खाना नहीं खाया है। उन्होने आगे बताया कि आखिरी बार वो 11 फरवरी साल 2017 में मिले थे। उस दौरान वो चुनाव के सिलसिले में इस इलाके में आये थे। सीएम योगी ने जब उनसे मुलाकात की थी, तो उनसे बात नहीं किये थे। सीएम ने बच्चों से बात की थी, लेकिन बड़ो से कुछ नहीं बोले।

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