1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. BJP की आंधी में इस राज्य में उड़ी कांग्रेस, 44 सीटों में से 41 सीटों पर कब्जा; एकछत्र राज बरकरार

BJP की आंधी में इस राज्य में उड़ी कांग्रेस, 44 सीटों में से 41 सीटों पर कब्जा; एकछत्र राज बरकरार

गुजरात के गांधीनगर में हुए निकाय चुनाव में कांग्रसे को जबरदस्त झटका लगा है, वहीं बीजेपी का एकछत्र राज्य बरकरार है। आपको बता दें कि गुजरात के गांधीनगर नगर निगम (GMC) और तीन अन्य नगर पालिकाओं के चुनाव में बीजेपी ने 44 सीटों पर कब्जा जमाया है, वहीं कांग्रेस को दो और आप के खाते में सिर्फ एक सीट आई है।  

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : गुजरात के गांधीनगर में हुए निकाय चुनाव में कांग्रसे को जबरदस्त झटका लगा है, वहीं बीजेपी का एकछत्र राज्य बरकरार है। आपको बता दें कि गुजरात के गांधीनगर नगर निगम (GMC) और तीन अन्य नगर पालिकाओं के चुनाव में बीजेपी ने 44 सीटों पर कब्जा जमाया है, वहीं कांग्रेस को दो और आप के खाते में सिर्फ एक सीट आई है।

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि गांधीनगर नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा ने अब तक 11 वार्डों की कुल 44 सीटों में से 41 पर जीत हासिल की है। कांग्रेस ने 2 सीट पर जीत दर्ज की है जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को 1 सीट मिली है।

भाजपा ने बनाई बढ़त

मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और शुरुआती दो घंटों में ही भाजपा ने जीएमसी की 16 सीटें, ओखा में 36 में से 28 सीटें और भानवड की 24 में से तीन सीटें और थारा नगरपालिका की 24 में से 20 सीटें जीत लीं थी। ओखा और भानवड नगरपालिकाएं देवभूमि-द्वारका जिले में हैं जबकि थारा बनासकांठा जिले में है. जीएमसी और तीन अन्य नगरपालिकाओं के लिए मतदान रविवार को हुआ था। इसके अलावा अन्य स्थानीय निकायों की 104 सीटों पर उपचुनाव भी उसी दिन हुए थे।

कौन पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ी

गांधीनगर में कुल 2.8 लाख वोटर्स में से 56.24 प्रतिशत ने वोट डाला था. ओखा और भानवड में क्रमश: 55.07 और 62.27 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि थारा में 73.55 फीसदी वोट डाले गए। गांधीनगर में, AAP ने भी मजबूत कोशिश की थी। जीएमसी चुनाव में कुल 161 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। भाजपा और कांग्रेस ने सभी 44 सीटों पर और AAP ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

कोरोना की वजह से टल गए थे चुनाव

आपको बता दें कि यह चुनाव इस साल अप्रैल में होने थे, लेकिन कोविड-19 के अधिक मामलों को देखते हुए स्थगित कर दिए गए। हाल में राज्य में अचानक मुख्यमंत्री समेत पूरी कैबिनेट बदले जाने के बाद यह पहला स्थानीय निकाय चुनाव था जिसे भाजपा की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने इस साल फरवरी में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी जीत हासिल की थी।

अगले साल होने है विधानसभा चुनाव

आपको बता दें कि गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस निकाय चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। सूरत निकाय चुनाव में जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी ने यहां पूरी ताकत झोक दी थी, लेकिन यहां उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के लिए भी ये चुनाव एक बड़े झटके से कम नहीं है।

कांग्रेस पार्षद प्रवीण पटेल ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल

बता दें कि 2016 के जीएमसी चुनावों में उस वक्त की 32 सीटों में से कांग्रेस और भाजपा दोनों ने 16-16 सीटें जीती थीं। तब दोनों पार्टियों के पास ड्रॉ के माध्यम से बोर्ड बनाने की संभावना थी, लेकिन आखिरी समय में, कांग्रेस पार्षद प्रवीण पटेल ने पाला बदल लिया और भाजपा यहां सत्ता में काबिज हो गई थी।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...