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एक बार फिर विवादों में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर, मुगल और मुसलमानों को लेकर छेड़ दिया सियासी राग

Congress leader Mani Shankar Aiyar in controversy once again; कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर बड़ा विवादित बयान दिया है। मणिशंकर अय्यर ने मुगल और मुसलमानों को लेकर एक अलग ही सियासी राग छेड़ दिया है।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में हैं। मणिशंकर अय्यर ने मुगल और मुसलमानों को लेकर एक अलग ही सियासी राग छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मुगलों ने कभी धर्म के नाम पर अत्याचार नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा और जिन्ना की भी तारीफ की।

मणिशंकर अय्यर ने अपने बयान में कहा कि, हम (कांग्रेस) अकबर को अपना मानते हैं”। हम अकबर को अपना समझते हैं इसलिए कभी उनके नाम की सड़क को बदल कर महाराणा प्रताप के नाम पर रखने की बात नहीं की। भारत वाहिद मुल्क जहां मुसलमान आए लेकिन भारत मुस्लिम देश नहीं बना जबकि अगल बगल नजर दौड़ाएं तो सारे मुसलमान देश हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मुगलों ने कभी देश में धर्म के नाम पर अत्याचार नहीं किया।

मणिशंकर अय्यर ने पुरानी जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि 1872 में देश में 72 फीसदी हिंदू थे और 24 फीसदी मुसलमान थे। कमोबेश ये संख्या अब भी वैसी ही है, इसलिए मुसलमानों पर जनसंख्या बढ़ाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। मणिशंकर अय्यर ने इस बार मुगल शासन की जमकर तारीफ की है। नेहरू जयंती पर हुए एक कार्यक्रम के दौरान मणिशंकर अय्यर ने मुगल शासन में हुए अत्याचारों की बातों का खंडन किया। उन्होंने मुगल बादशाह अकबर के शासन से लेकर तमाम दूसरे मुगल बादशाहों का उदाहरण देकर दावा किया कि मुगल शासन में कभी जोर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन नहीं करवाया गया।

‘इस देश को अपना मानते थे मुगल’

मुगलिया शासन की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए अय्यर ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों में बड़ा फर्क ये था कि मुगल इस देश को अपना मानते थे। अय्यर ने बाबर की तारीफ करते हुए कहा कि बाबर ने अपने बेटे हुमायूं को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें हिंदुस्तान के लोगों के धर्म में किसी तरह का दखल ना देने की बात कही थी। यही वजह है कि अकबर के शासन में धर्म के नाम पर कोई भेदभाव नहीं होता था।

उन्होंने कहा कि, “मुगलों ने इस देश को अपना बनाया. अंग्रेजों ने कहा कि हम तो यहां राज करने आए हैं। बाबर जो थे..जिसकी औलाद भारतीय जनता पार्टी के लोग मुझे नाम देते हैं कि ये बाबर की औलाद है। इन लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि वही बाबर भारतवर्ष आया सन 1526 में और उनकी मौत हुई 1530 में। मतलब वो भारत में मात्र 4 साल रहे। उन्होंने हुमायूं को बताया कि यदि आप इस देश को चलाना चाहते हो, यदि आप अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखना चाहते हो तो आप यहां के निवासियों के धर्म में दखल ना दीजिएगा।”

बीजेपी के मुताबिक सिर्फ 80 प्रतिशत भारतीय बाकी गैर

इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी जमकर हमला बोला। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों को सिर्फ देश के 80 फीसदी लोगों की चिंता है। अय्यर ने कहा कि, सत्ता में बैठे लोगों के लिए सिर्फ 80% लोग ही असली भारतीय हैं, बाकी मेहमान बनकर रह रहे हैं। मुसलमानों की जनसंख्या को लेकर अपने बयान के समर्थन में तर्क पेश करते हुए उन्होंने बकायदा तथ्य भी पेश किया। मणिशंकर अय्यर ने पुरानी जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि 1872 में अंग्रेजों ने पहली जनगणना करवाई और उससे पता लगा कि 666 साल राज करने के बाद मुसलमानों की तादाद भारत में क़रीब 24 फीसदी और हिंदुओं की 72 फीसदी थी।

अय्यर ने की जिन्ना की तारीफ

उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि, “ये कहते हैं कि मारपीट हुई, सब लड़कियों से बलात्कार हुआ और इन्होंने सबको मुसलमान बना लिया। अरे मुसलमान बनते तो आंकड़े तो अलग होने चाहिए। 72 प्रतिशत मुसलमान होने चाहिए और 24 प्रतिशत हिंदू होने चाहिए थे लेकिन असलियत क्या थी कि इतने ही थे और इसलिए विभाजन मांगने के पहले जिन्ना की बस एक ही मांग थी कि 30 फीसदी आरक्षण दीजिए सेंट्रल असेंबली में। उन्होंने ये नहीं मांगा कि हमें 80 दो या 90 दो। उन्होंने 30 प्रतिशत मांगा और ये इनकार किया गया क्योंकि उनकी तादाद मात्र 26 प्रतिशत की थी उस दिन।”

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