1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर लगाया आरोप, पढ़ें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर लगाया आरोप, पढ़ें

सीएम हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा अपने नाम पर खनन पट्टा लेने और खनन कंपनी में साझेदार होने संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर मुख्य सचिव ने भारतीय निर्वाचन आयोग को जवाब भेज दिया है

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा अपने नाम पर खनन पट्टा लेने और खनन कंपनी में साझेदार होने संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर मुख्य सचिव ने भारतीय निर्वाचन आयोग को जवाब भेज दिया है।

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर आरोप लगाया था। उन्होंने इस संबंध में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।

प्रतिनिधिमंडल ने सारे दस्तावेज राज्यपाल को भी दिए थे और मुख्यमंत्री को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की मांग की थी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर खनन पट्टा लेने का आरोप था, जबकि उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर एक खनन कंपनी में साझीदार होने का आरोप लगाया गया था।

बीजेपी नेताओं की शिकायत के बाद राज्यपाल रमेश बैस ने इससे संबंधित दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग को भेजकर सलाह मांगा था।

राज्यपाल ने मुख्य सचिव को तलब कर जानकारी ली थी। निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कहा था कि भेजे गए दस्तावेजों को सत्यापित कर 15 दिनों के भीतर जवाब प्रेषित करें।

प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा यह मामला जोर-शोर से उठाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। रघुवर दास का आरोप है कि सत्ता के पावर का दुरुपयोग कर सीएम और उनके भाई ने खदान लीज पर लिया।

इस मामले में भाजपा की ओर से राज्यपाल रमेश बैस को ज्ञापन सौंपा गया था जिसमें उन्हें विधानसभा की सदस्यता अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी।

बीजेपी की ओर से की गई शिकायत के बाद राज्यपाल रमेश बैस ने संविधान के अनुच्छेद 191 और 192 के तहत चुनाव आयोग से सलाह मांगा था।

उसके बाद आयोग ने मुख्य सचिव को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज समर्पित करने का आदेश दिया था। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अवसर पर भी इस मामले की छानबीन चल रही है

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...