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भारत – अमेरिका एक साथ मिलकर करेंगे आतंकवाद का सामना

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रानीखेत।  देश दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद के खात्मे तथा रक्षा क्षेत्र से जुड़े रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय व अमेरिकी फौज जंग के मैदान में फिर साथ नजर आएंगी। दोनों देशों की सेना 16 सितंबर से मिलकर पर्वतीय जटिल परिस्थितियों में काउंटर इंसर्जेंसी एवं काउंटर आतंकवाद के तहत युद्धाभ्यास करेंगी। यह युद्धाभ्यास 14 दिनों तक चलेगा। खबरों के मुताबिक दो सप्ताह तक चलने वाले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में भारतीय व अमेरिकी सेना के करीब 700 जवान हिस्सा लेंगे। पीआरओ डिफेंस गार्गी मलिक के अनुसार दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्याभ्यास का यह 14वां एडीशन है। बीते वर्ष 2017 में सैन्याभ्यास लुइस मैकार्ड ज्वाइंट बेस (अमेरिका) में हुआ था।

बताया जा रहा है, की  इस युद्धाभ्यास के लिए शीघ्र ही अमेरिकी सेना चौबटिया छावनी पहुंचेगी, जिसमे भारत की ओर से गरुड़ डिवीजन के 350 अधिकारी और जवान तथा इतने ही सैनिक और अधिकारी अमेरिका की तरफ से युद्धाभ्यास में शिरकत करेंगे। 29 सितंबर तक चलने वाले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अधीन कठिन परिस्थितियों में काउंटर इंसरजेंसी और आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के गुर सीखेंगे।  योजनाबद्ध सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सैन्य टुकडिय़ां एक-दूसरे की संगठनात्मक, हथियारों व सैन्य उपकरणों से रूबरू होंगे। वहीं परस्पर रणनीतिक, तकनीकि, कार्रवाई एवं ऑपरेशन से जुड़े अनुभव भी साझा किए जाएंगे। 29 सितंबर को युद्धाभ्यास के समापन पर दोनों देशों की सैन्य टुकडिय़ां आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन का प्रदर्शन करेंगी। संयुक्त युद्धाभ्यास के क्षेत्र व क्रिया कलापों को बढ़ाने का निर्णय वर्षों पहले अमेरिका व भारत ने लिया।

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