Home उत्तराखंड देहरादून में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

देहरादून में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आज देहरादून के फुटपाथ, गलियों, सड़कों और पैदल मार्गों से चार सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उच्च न्यायालय ने गंगा की सहायक नदी रिस्पना के किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए सरकार को तीन माह का समय दिया है। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के दौरान देहरादून में धारा 144 लागू करने को भी कहा है। खंडपीठ ने एमडीडीए व नगर निगम को शहर की सड़कों, गलियों, फुटपाथ आदि से चार हफ्ते के भीतर अतिक्रमण हटाने को कहा है। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवार्इ करें जिनके समय में अतिक्रमण हुआ है। कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक नोडल ऐजेंसी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। इस एजेंसी का नोडल अधिकारी लोनिवी के सचिव को बनाया जाएगा, जो अतिक्रमण हटाने के संदर्भ में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे।

खंडपीठ ने देहरादून की रिस्पना नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाने को कहा है। साथ ही नदी के किनारे हुए अतिक्रमण को तीन माह के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। खंडपीठ ने राज्य सरकार एमडीडीए और नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि वे उन आवासी सम्पतियों को तीन सप्ताह के भीतर सील करें, जिनके बेसमेंट का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। क्योंकि इन व्यपारिक प्रतिष्ठानों के समीप ही अनाधिकृत वाहन पार्क किये जाते हैं। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण मुक्त हुए स्थान पर पुनः अतिक्रमण को रोकने के लिए एमडीडीए को जिम्मेदारी दी है। साथ ही डीजी हेल्थ उत्तराखण्ड के साथ-साथ सीएमओ व हेल्थ ऑफिसर नगर निगम देहरादून को निर्देश दिए हैं कि वह प्रतिदिन की स्वच्छता संबंधित रिपोर्ट हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सौंपे।

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