Home उत्तराखंड बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर ठंड का सितम, ढ़ा रहा लोगों पर कहर

बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर ठंड का सितम, ढ़ा रहा लोगों पर कहर

2 second read
0
59

कंपाती इस कड़कड़ाती ठंड से मनुष्य ही नहीं मवेशी और जंगली जानवर भी ठिठुरने को मजबूर हैं। नरेंद्र नगर की निचली घाटी से लेकर संपूर्ण हेंवल घाटी विगत कई दिनों से कोहरे की घनी परत के आगोश में समा सी गई है।

पिछले कई दिनों से छाये घने कोहरे के कारण लोग सूर्य भगवान के दर्शन नहीं कर पाए हैं।लोगों का कहना है कि इस बार की पड़ी भीषण ठंड ने बरसों- बरसों पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर डाले हैं और तो और मवेशी भी अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।

मजे की बात यह है कि रात को कोहरे की घनी परत जमीन पर बिछ जाती है जबकि सुबह सूरज निकलते कोहरा जमीन से ऊपर उठता है और ऊंचाई पर घनी परत में तब्दील हो जाता है,

ऐसे में नरेंद्र नगर से सटे बखरियाणा और गहरी घाटियों में बसे गांव के लोगों को विगत कई दिनों से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए हैं। इस सघन कोहरे की परत ने समूचे हेंवल घाटी में बसे दर्जनों गांव को अपनी चपेट में ले लिया है। बढ़ती ठंड के मारे कामकाजी महिलाएं,पुरुष,मजदूर काम करने के बजाए रजाई के अंदर दुबकने को मजबूर हैं।

ठंड की खास बात यह है कि ऊंचाइयों वाले क्षेत्रों में धूप खिली हुई है हालांकि बर्फीली हवाओं का सामना वहां भी करना पड़ रहा है, किंतु घाटियों और निचले क्षेत्रों में कोहरे की परत ने लोगों के लिए ही आफत खड़ी कर दी है। लोग इसी इंतजार में हैं कि कोहरा कब छंठे और कब सूरज की किरणों के दर्शन हों।

Share Now
Load More In उत्तराखंड
Comments are closed.