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शिया मस्जिद में विस्फोट में अब तक 60 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत, इस संगठन ने ली जिम्मेदारी

So far more than 60 people have died in the blast in the Shia mosque; शिया समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।अब तक 62 लोगों से अधिक लोग मारे गए और 68 हुएघायल। घटना की इस्लामिक स्टेट ने ली हैजिम्मेदारी।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली: काबुल पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से अफगानिस्तान में आइएस के लगातार हमले हो रहे हैं। अफगानिस्तान में खास कर शिया समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। देश के दूसरे बड़े शहर कंधार की शिया मस्जिद में नमाज पढ़ रहे लोगों पर हुए आत्मघाती हमले अब तक 62 लोगों से अधिक लोग मारे गए, जबकि 68 घायल हुए। घटना की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही इसी संगठन के आत्मघाती हमलावर ने कुंदूज शहर की शिया मस्जिद में 80 से ज्यादा नमाजियों की हत्या की थी।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार आत्मघाती हमलावर ने नमाजियों के बीच आकर खुद को उड़ा लिया, जिस कारण ज्यादा लोग मरे और घायल हुए। विस्फोट के बाद जमीन और दीवारें खून से रंग गईं, शरीर का मांस टुकड़ों में तब्दील होकर जहां-तहां बिखर गया।

विस्फोट से पैदा हुए धुएं से उस हॉल की दीवारें काफी ऊंचाई तक धुएं से काली हो गईं, जहां नमाज अदा की जा रही थी। तालिबान सरकार की न्यूज एजेंसी बख्तार ने 62 लोगों के मरने की पुष्टि की है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के विशेष बल मौके पर पहुंच गए हैं और उन्होंने इलाके को घेरकर लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रशासन ने लोगों से की रक्तदान की अपील

प्रशासन ने लोगों से घायलों के इलाज के लिए रक्तदान की अपील की है। वैसे तालिबान भी शिया हजारा समुदाय को निशाना बनाते रहे हैं लेकिन हाल के दिनों के हमले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने अंजाम दिए हैं। तालिबान और आइएस सुन्नी मुसलमानों के अतिवादी संगठन हैं। शिया आबादी के सबसे बड़े देश ईरान ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। काबुल स्थित ईरानी दूतावास ने आतंकी हमले रोकने के लिए पुख्ता बंदोबस्त करने की तालिबान से अपेक्षा की है।

तालिबान का कब्जा होने के बाद बढ़े हमले

8 अक्टूबर को कुंदूज शहर में मस्जिद के भीतर बम विस्फोट हुआ था जिसमें 80 लोग मारे गए थे ज‍बकि कई घायल हुए थे। उस हमले की जिम्‍मेदारी आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ने ली थी। यह बम धमाका भी शुक्रवार को दोपहर के समय उस वक्‍त हुआ जब इलाके के शिया मुसलमान बड़ी संख्या में नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में जमा हुए थे।

यही नहीं महीने की शुरुआत में काबुल में मस्जिद के प्रवेश द्वार पर बम विस्फोट हुआ था जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। यह विस्फोट तब हुआ था जब काबुल की ईदगाह मस्जिद में सत्तारूढ़ तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद की मां की मौत के बाद नमाज पढ़ी जा रही थी। गौरतलब है कि 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से अफगानिस्तान में आइएस के लगातार हमले हो रहे हैं। सबसे बड़ा हमला 26 अगस्त काबुल एयरपोर्ट के नजदीक हुआ था जिसमें 169 अफगान और 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए थे।

 

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