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कोविड-19: लापरवाही के बीच यहां लागू हुआ 20 दिन का Lockdown, केवल इनको मिली छूट

Covid-19: 20 days lockdown implemented here amid negligence, only they got exemption; कोविड-19 लापरवाही के बीच लगातार ऐसी कई खबरें सामने आ रही है, जिसे लेकर एक बार फिर पूरी दुनिया में कोरोना महामारी के तीसरे फेज की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच ऑस्ट्रिया ने पूरे देश में 20 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : चीन के वुहान से निकला कोरोना महामारी पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले चुका है, जिससे अभी तक किसी भी प्रदेश या देश को निजात नहीं मिली है। इसे लेकर एक तरफ जहां अभी भी लोग कोरोना के नियमों का पालन कर रहे है। वहीं वैक्सीनेशन में भी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है। इसी बीच कोरोना महामारी से जुड़ी हुई एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा रखी है।

दरअसल एक बार फिर ऑस्ट्रिया में कोरोना वायरस के मामले में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। इसे लेकर आज से देश में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया गया है। आपको बताते चलें कि ऑस्ट्रिया समेत पूरे यूरोप के कई देशों में कोविड-19 (Covid-19) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालात ये हैं कुछ देशों के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

20 दिन का लॉकडाउन

ऑस्ट्रिया में लॉकडाउन अधिकतम 20 दिन तक चलेगा, हालांकि 10 दिन के बाद इसका रिव्यू किया जाएगा। इस दौरान लोगों के अनावश्यक रूप से बाहर जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। इसी तरह पूरे देश के सभी रेस्तरां तथा ज्यादातर दुकानें बंद रहेंगी। वहीं सभी तरह के बड़े आयोजन रद्द कर दिए जाएंगे। स्कूल और ‘डे-केयर सेंटर’ खुले तो रहेंगे, लेकिन अभिभावकों को बच्चों को घर पर रखने की सलाह दी गई है।

13 दिसंबर को हटाई जा सकती है पाबंदियां?

ऑस्ट्रिया में लॉकडाउन की पाबंदियां 13 दिसंबर को हटाई जा सकती हैं लेकिन संभव है कि उन लोगों के लिए पाबंदियां जारी रहें, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है। बता दें कि इससे एक दिन पहले, रविवार को मध्य विएना के बाजारों में क्रिसमस की खरीदारी करने वाले लोगों और लॉकडाउन से पहले घूमने-फिरने का आनंद उठाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

‘फेस्टिव सीजन को लेकर बढ़ी चिंता’

आपको बता दें कि देश के चांसलर एलेक्जेंडर शालेनबर्ग ने इस लॉकडाउन का ऐलान करते समय ये भी कहा था कि अगले साल एक फरवरी से यहां लोगों के लिए टीकाकरण अनिवार्य किया जा सकता है। इसके बाद कोरोना वैक्सीन नहीं लेने वालों को कड़ी सजा का प्रावधान हो सकता है। ऐसे लोगों पर और भी कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में क्रिश्चियन कम्युनिटी के लोग क्रिसमस के त्योहार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बीते साल कोरोना महामारी की वजह से कई त्योहार लोग ढंग से नहीं मना पाए थे। जिनके घरों में कैजुअल्टी नहीं हुई यानी जो बच गए उन्होंने भी इस त्योहार को सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करते हुए मनाया था।

इस साल अभी तक हालात सामान्य रहे लेकिन यूरोप के कुछ देशों में अचानक तेजी से बढ़े कोरोना के नए मामलों ने स्थानीय लोगों के साथ उन व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी है, जो पहले से ही कोरोना की वजह से अपना बहुत कुछ गंवा चुके हैं।

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