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दुनिया को परेशान करने वाला चीन खुद हुआ अपनी ही योजना का शिकार, इस रिपोर्ट ने बढ़ाई जिनपिंग की टेंशन

China, which troubled the world, itself became a victim of its own plan; दुनिया को परेशान करने वाला चीन खुद हुआ परेशान। चीन की योजना ही बनी उसकी मुसीबत। उड़ी चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की निंद।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : कोरोना महामारी से पूरी दुनिया को परेशानी में डालने वाला चीन आज खुद अपनी ही योजना का शिकार हो गया है। जिसने उसकी बेचैनी बढ़ा दी है और वो एक नई पेरशानी में घिरता नजर आ रहा है। आपको बता दें कि बूढ़ी होती आबादी ड्रैगन के सामने नई चुनौती बनकर उभर रही है। स्थिति यह हो गई है कि अधिक बच्चे करने को लेकर बनाई गई नीति भी काम नहीं कर रही है।

इस कारण यहां विवाह दर में भी लगातार गिरावट देखने को मिली है। चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार, नवविवाहित जोड़ों की संख्या में 2021 की पहली तीन तिमाही में गिरावट आई है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल के आंकड़ों की तुलना में, तीसरी तिमाही में केवल 1.72 मिलियन (करीब 17 लाख) जोड़े शादी (Marriage) के बंधन में बंधे हैं।

‘रेडियो फ्री एशिया’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शादी में कमी को सिर्फ COVID-19 महामारी से नहीं जोड़ा जा सकता, इसके पीछे कही न कहीं सरकार की ओर से किए गए वादे पूरे न होना भी एक वजह है। हाल ही में चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की यूथ लीग ने एक सर्वे किया था, जिसमें करीब 3000 लोगों ने कहा था कि वो अब जीवन साथी को जरूरी नहीं मानते।

महिलाएं भी नहीं करना चाहतीं शादी

इस सर्वे के मुताबिक 43 फीसदी से अधिक महिलाओं का कहना है कि या तो वह शादी नहीं करेंगी या फिर इस बारे में कुछ नहीं कह सकतीं। चीन में शादी को लेकर यह अनिश्चितता आर्थिक स्थिति से भी जुड़ी हुई है, क्योंकि धनी शहरों में युवा लोग छोटे शहरों की तुलना में बिना शादी किए ही रहना चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था जितनी अधिक विकसित होगी, उतने ही अधिक लोग सक्रिय रूप से अकेले रहना पसंद करेंगे।

विशेषज्ञों ने जताई ये आशंका

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है चूंकि देश में लगातार आर्थिक विकास हो रहा है, ऐसे में शादी नहीं करने वाले युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। इस रिपोर्ट ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की निंद उड़ा रखी है। बता दें कि चीन पहले जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सख्ती दिखा रहा था, लेकिन अब वो चाहता है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि मौजूदा ट्रेंड कायम रहा, तो आने वाले समय में चीन का जनसंख्या ग्राफ तेजी से नीचे आ सकता है।

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