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मारियुपोल में 210 बच्चों समेत 5000 लोगों की मौत, पढ़ें

मारियुपोल के मेयर ने बुधवार को कहा कि बंदरगाह शहर में अभी तक पांच हजार से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। शहर रूसी सैनिकों के कब्जे में हैं।

By RNI Hindi Desk 
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मारियुपोल के मेयर ने बुधवार को कहा कि बंदरगाह शहर में अभी तक पांच हजार से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। शहर रूसी सैनिकों के कब्जे में हैं। मेयर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यूक्रेन अपनी राजधानी कीव के आसपास के कस्बों में नागरिकों की बर्बर हत्या के सबूत एकत्रित कर रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि रूसी सैनिकों के यूक्रेन के कुछ इलाकों से हटने से पहले वहां नागरिकों की कथित तौर पर अंधाधुंध हत्या की गई थी।

यूक्रेन के अधिकारी राजधानी के आसपास के कस्बों में बिखरे शवों को उठा रहे हैं। इस बीच, अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने युद्ध अपराधों को लेकर रूस पर नए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर बताया कि रूस ने उत्तर में कीव और चेर्निहीव क्षेत्रों से अपने सभी अनुमानित 24,000 या अधिक सैनिकों को वापस बुला लिया है, जिन्हें बेलारूस या रूस भेज गया है और पुनर्गठित किया जा रहा है। इन्हें पूर्वी हिस्से में लड़ाई के लिए भेजे जाने की आशंका है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रात को देश को संबोधित करते हुए आगाह किया कि रूसी सेना पूर्व में नए हमले की तैयारी के लिए अपनी सेना का पुनर्गठन कर रही है, क्योंकि क्रेमलिन (रूसी संसद) ने कहा है कि उसका लक्ष्य यूक्रेन के रूसी भाषी औद्योगिक गढ़ डोनबास को ”मुक्त” कराना है। जेलेंस्की ने कहा, ” हम लड़ेंगे और हार नहीं मानेंगे।” उन्होंने कहा, ” रूस जब तक शांति बहाल करने के विकल्प को गंभीरता से नहीं लेता, हम खुद को बचाने के लिए हर तरीका अपनाएंगे। यह हमारी धरती है। यह हमारा भविष्य है और हम हार नहीं मानेंगे।”

यूक्रेन के अधिकारियों ने डोनबास में रहने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे आसन्न रूसी आक्रमण से पहले समय रहते वहां से निकल जाएं। यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरीना वेरेशचुक ने कहा, ” बाद में हम घिर जाएंगे और आपकी मदद के लिए कुछ नहीं कर पाएंगे।” वहीं, मारियुपोल के मेयर वादिम बोइचेंको ने कहा कि रूसी बम हमलों और सड़क पर लड़ाई के दौरान मारे गए 5,000 से अधिक नागरिकों में से 210 बच्चे थे।

उन्होंने कहा कि रूसी सेना ने अस्पतालों पर भी बमबारी की। एक अस्पताल में बमबारी की वजह से 50 लोगों की जलकर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शहर की 90 फीसदी से अधिक अवसंरचना नष्ट हो चुकी है। हमले की वजह से शहर में खाद्य सामग्री, पानी, ईंधर, दवाओं की आपूर्ति बंद हो गई है। ब्रिटिश रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 160,000 लोग शहर में फंसे हुए हैं। पहले इसकी आबादी 430,000 थी। मानवीय सहायता काफिला रेड क्रॉस के साथ शहर में प्रवेश की कोशिश कई दिनों से कर रहा है लेकिन उसकी कोशिश नाकाम रही है।

मारियुपोल पर कब्जे के बाद रूस की क्रीमिया प्रायद्वीप तक एक सुरक्षित भूमि गलियारे के जरिये सीधी पहुंच जो जाएगा। क्रीमिया को रूस ने 2014 में यूक्रेन से छीन कर कब्जा कर लिया था। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि कीव के आसपास के इलाकों में कम से कम 410 शव मिले हैं। उनके अनुसार इन लोगों को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया, महिलाओं से बलात्कार किया गया, फिर सबको मार डाला गया। कुछ लोगों को बेहद करीब से गोली मारी गई। कुछ के हाथ पीछे बंधे हुए थे।

रूस-यूक्रेन जंग का आज 43 दिन हैं। इसी बीच नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने दावा किया है कि रूस-यूक्रेन की जंग कई महीनों या सालों तक चल सकती है। ऐसे में नाटो सहयोगियों को यूक्रेन की मदद करते रहना चाहिए।

इधर, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यूक्रेन जंग जीत सकता है। उन्होंने कहा- पुतिन यूक्रेन में एक भी रणनीतिक उद्देश्य में सफल नहीं हो सके हैं

यूक्रेन के बूचा में रूसी अटैक में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने के बाद अमेरिका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दोनों बेटियों पर बैन लगाने का ऐलान किया है। अमेरिका ने कहा कि पुतिन की दोनों बेटियां रूस में सरकार के साथ काम करती हैं, इसलिए यह फैसला किया गया है।

यूक्रेन के डोनेत्स्क पीपुल्स मिलिशिया के प्रतिनिधि एडुअर्ड अलेक्जेंड्रोविच बसुरिन ने कहा कि सब जानते हैं पश्चिमी देश रूसी संघ को तबाह करने का प्रयास कर रहे हैं। ये लोग सिर्फ यहीं नहीं रुकेंगे, उनका अगला लक्ष्य भारत होगा। पूरी दुनिया को पता है कि भारत-पाक सीमा ही ऐसी है, जिसका हल कई वर्षों से नहीं निकला है। यदि यूक्रेन ने रूस की मांगें नहीं मानी तो वहां के हालात भी भारत-पाकिस्तान सीमा और भारत-चीन सीमा जैसे हो जाएंगे।

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