Home देश पद्मश्री डॉक्टर KK अग्रवाल मुंह में ऑक्सीजन लगा करते रहे मरीजों की मदद, खुद हार गए कोरोना से जिंदगी की जंग

पद्मश्री डॉक्टर KK अग्रवाल मुंह में ऑक्सीजन लगा करते रहे मरीजों की मदद, खुद हार गए कोरोना से जिंदगी की जंग

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है। मौजूदा वक्त में कोरोना महामारी ने यूपी को चपेट में ले लिया है। इन सब के बीच एक और दुखद खबर सामने आई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और हार्ट केयर फाउंडेशन के प्रमुख एवं पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल का सोमवार को 62 साल की उम्र में रात करीब 11.30 बजे कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया।

आपको बता दें कि डॉक्टर के के अग्रवाल पिछले कई दिन से एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती थे। तीन दिन पहले ही तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टर अग्रवाल दो महीने पहले ही वैक्सीन की दोनों खुराक भी ली थीं, लेकिन पिछले महीने वह संक्रमण की चपेट में आ गए।

संक्रमण की चपेट में आने के बाद डॉ. अग्रवाल को एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। डॉ. अग्रवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बीते 28 अप्रैल को जानकारी दी थी कि वह कोरोना संक्रमित हैं। इस दुखद खबर की आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए कहा गया, काफी दुख के साथ सूचित किया जा रहा है कि डॉ. केके अग्रवाल का 17 मई की रात 11.30 बजे के करीब कोरोना वायरस से निधन हो गया है।

अपको बता दें कि सोमवार देर रात डॉक्टर अग्रवाल के निधन आधिकारिक पुष्टी उनके ट्वीटर हैंडल के माध्यम से दी गई। ट्वीट कर लिखा गया कि “काफी दुख के साथ सूचित किया जा रहा है कि डॉ. के.के. अग्रवाल का 17 मई की रात 11.30 बजे के करीब कोरोना से लंबी लड़ाई लड़ते हुए निधन हो गया। जब से वह डॉक्टर बने थे, उन्होंने अपना जीवन लोगों और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर समर्पित कर दिया था।”

डॉक्टर केके अग्रवाल देश से महामारी के जड़ से मिटाने की मुहिम को लेकर आगे चल रहे थे। इस बात को आप ऐसे ही समझ सकते हैं कि खुद कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी वह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को कोरोना महामारी को मात देने के लिए टिप्स दे रहे थे। डॉक्टर अग्रवाल लोगो को सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को अलग-अलग बिमारियों से लड़ने के लिए हमेश ही टिप्स देते रहते थे। महामारी के इस दौर में भी वह फेसबुक पेज और ट्वीटर हैंडल के माध्यम से कोरोना महामारी के बारे में आगाह करते थे। इसके साथ लोगो को ज्यादा आसानी जानकारी मिल सके, इसके लिए वह विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे। आपको डॉक्टर अग्रवाल के इस विडियो को देखकर हैरानी भी होगी। इस वीडियो में तो वह ऑक्सीजन सप्लाई पर रहते हुए भी कोरोना से लड़ने की जानकारी देते हुए दिखे थे।

62 वर्षीय डॉक्टर अग्रवाल को साल 2010 भारत सरकार ने मेडिकल क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री के सम्मान से सम्मानित किया था। आपको बतदा दें कि डॉक्टर अग्रवाल ने साल 1979 में नागपुर यूनिवर्सिटी से MBBS की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद इसी विश्वविद्यालय से 1983 में एमएस की डिग्री हासिल की।

डॉक्टर अग्रवाल को मेडिकल क्षेत्र में योगदान देने के लिए पद्मश्री से पहले साल 2005 में डॉ. बीसी रॉय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। ये पुरस्कार मेडिकल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। डॉक्टर अग्रवाल पुरातन वैदिक दवाओं और आधुनिक दवाओं के मेलजोल को लेकर कई किताबें भी लिखे हैं।

 

 

 

 

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