Home Breaking News क्रिसमस की रात सांता क्लॉज क्यों लेकर आता है बच्चो को उपहार ?

क्रिसमस की रात सांता क्लॉज क्यों लेकर आता है बच्चो को उपहार ?

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क्रिसमस की रात सांता क्लॉज द्वारा बच्चों के लिए उपहार लाने की मान्यता है। माना जाता है कि सांता क्लॉज रेंडियर पर चढ़कर किसी बर्फीली जगह से आते हैं और चिमनियों के रास्ते घरों में प्रवेश करके सभी अच्छे बच्चों के लिए उनके सिरहाने उपहार छोड़ जाते हैं।

सांता क्लॉज की प्रथा संत निकोलस ने चौथी या पांचवीं सदी में शुरू की। वह एशिया माइनर के बिशप थे। उन्हें बच्चों और नाविकों से बेहद प्यार था। उनका उद्देश्य था कि क्रिसमस और नववर्ष के दिन गरीब-अमीर सभी प्रसन्न रहें। उनकी सद्भावना और दयालुता के किस्से लंबे अरसे तक कथा-कहानियों के रूप में चलते रहें। 

एक कथा के अनुसार उन्होंने कोंस्टेटाइन प्रथम के स्वप्न में आकर 3 सैनिक अधिकारियों को मृत्युदंड से बचाया था। 17वीं सदी तक इस दयालु का नाम संत निकोलस के स्थान पर सांता क्लॉज हो गया। यह नया नाम डेनमार्क वासियों की देन है। 


कहते हैं संत निकेलस ने किसी जरूरतमंद की सहायता के मकसद से मौजे में सोना छुपा दिया था। उसी दिन से क्रिसमस के मौके पर जुराब में गिफ्ट छुपाने और सीक्रेट सांता क्लॉज बनने की परंपरा का आरंभ हुआ।


कहने को तो क्रिसमस ईसाई धर्म का मुख्य पर्व है लेकिन लगभग हर धर्म-समुदाय के बच्चे खुशी, जोश और प्यार से सांता क्लॉज का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्हें लगता है की उनके अधूरे सपने कोई पूरा कर सकता है तो वो है सांता क्लॉज।

संता क्‍लॉज’ परमात्मा के दूत हैं जबकि अन्य मान्यता के अनुसार ‘संता क्‍लॉज’ भगवान की ओर से भेजे गए दूत हैं। कुछ लोगों का समूह कहता है की ‘संता क्‍लॉज’ प्रभु यीशु के पिता हैं। जो अपने बेटे के जन्म उत्सव पर बच्चों को तोहफे देने के लिए धरती पर आते हैं। जीसस और मदर मैरी के बाद संत निकोलस को ही इतनी रिस्पेक्ट दी जाती है।

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