Home Breaking News यूपी के इस गांव में पहली बार घोड़ी चढ़ा दलित दूल्‍हा, 150 पुलिसवाले थे बाराती

यूपी के इस गांव में पहली बार घोड़ी चढ़ा दलित दूल्‍हा, 150 पुलिसवाले थे बाराती

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कासगंज। देश को आजाद हुए 70 साल से ज्यादा का वक्त हो गए लेकिन आज भी देश में भेदभाव बरकरार है। हालांकि समय समय पर सरकार, प्रशासन द्वारा इस भेदभाव को खत्म करने की भी कोशिश की जाती है। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज के निजामपुर गांव में देखने को मिला। जहां पहली बार दलित दूल्हे की बारात बड़े धूमधाम से बैंडबाजे के साथ निकली। दलित दूल्हे की इस बारात में 150 पुलिसकर्मी भी उसके साथ मौजूद थे। बता दें कि कासगंज के निजामपुर गांव में दलितों को घोड़ी चढ़ने की इजाजत नहीं थी। लेकिन पहली बार दलित दूल्‍हे ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा देने का भरोसा दिया था।

आपको बता दें कि इस बारात में गांव और दलित समाज के लोग भी शामिल हुए। अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि गांव में बारात शांति से चढ़ गईं है। दुल्हन की विदाई तक गांव निजामपुर में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा और गांव में पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। हालांकि शादी के दौरान दुल्हन के परिजनों में ख़ुशी के साथ-साथ दहशत भी थी क्‍योंकि सवर्ण समाज के ठाकुर जाति के लोगों ने दलित दुल्हन शीतल के परिजनों को धमकी भी दी थी। लेकिन 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दलित दूल्हे संजय जाटव और दुल्हन शीतल ने खुशी खुशी अपने 7 फेरे लिए। जिसके साथ ही इस विवादित और चर्चित दलित शादी की स्टोरी का भी दी एंड हो गया।

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