1. हिन्दी समाचार
  2. क्राइम
  3. रंजीत सिंह मर्डर मामले में कोर्ट ने सुनाई गुरमीत राम रहीम समेत 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा, 2020 में हुई थी हत्या

रंजीत सिंह मर्डर मामले में कोर्ट ने सुनाई गुरमीत राम रहीम समेत 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा, 2020 में हुई थी हत्या

Court sentenced 5 convicts including Gurmeet Ram Rahim to life imprisonment in Ranjit Singh murder case; रंजीत सिंह मर्डर मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सुनाई सजा। गुरमीत राह रहिम सहित 5 दोषियों को उम्रकैद। राम रहीम ने डाली थी दया याचिका।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा चार अन्य आरोपियों को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आपको बता दें कि साल 2002 में पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में राम रहीम व अन्य को 8 अक्टूबर को कोर्ट ने दोषी ठहराया था। इसके बाद उन्होंने फैसला को सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि सजा के ऐलान से पहले हरियाणा के पंचकूला जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए धारा-144 लागू कर दी गई है।

आपको बता दें कि अगस्त 2017 की हिंसा को देखते हुए राम रहीम से जुड़े किसी भी मामले में सुनवाई या फिर सजा के ऐलान से पहले पूरे राज्य या आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया जाता है। क्योंकि साल 2017 में बलात्कार के एक मामले में राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद 36 लोग मारे गए थे। पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से डेरा प्रमुख के लिए मौत की सजा की मांग की थी। वहीं, खुद राम रहीम ने रोहतक जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दया की गुहार लगाई थी। राम रहीम जेल में दो अनुयायियों के साथ बलात्कार करने के लिए 20 सालों की सजा काट रहा है। राम रहीम ने कोर्ट के सामने दया की गुहार लगाते हुए ब्लड प्रेशर, आंख और गुर्दे संबंधी अपनी बीमारियों का भी हवाला दिया था।

सीबीआई ने डेरा प्रमुख की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि पीड़ित ने उसे भगवान की तरह माना और आरोपी ने उसके खिलाफ अपराध किया। एजेंसी ने यह भी कहा कि उसका आपराधिक इतिहास रहा है। ऐसे में एजेंसी ने राम रहीम के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत अधिकतम सजा की मांग की थी।

साल 2002 में कर गई थी रंजीत की हत्या

रंजीत सिंह की साल 2002 में 10 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की और पूरा मामला सीबीआई की स्पेशल अदालत में ही चला। घटना के 19 साल बीत जाने के बाद इस महीने की शुरुआत में राम रहीम समेत पांच लोगों को दोषी ठहराया गया था। मामले की पूरी बहस 12 अगस्त को पूरी कर ली गई थी।

आपको बता दें कि सीबीआई ने तीन दिसंबर, 2003 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। राम रहीम को एक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह रोहतक की सुनारिया जेल में सजा सुनाए जाने के बाद से ही बंद है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...