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ससुर ने किया बहू पर जानलेवा हमला, तलवार से काटे दोनों हाथ, चेहरें पर भी गंभीर चोटें; फिर क्या हुआ…

Father-in-law did a deadly attack on daughter-in-law, both hands cut with sword, serious injuries on face too; बहू की बढ़ाई से नाराज था ससुर। अपनी ही बहू पर किया जानलेवा हमला। हमले में बहू के दोनों हाथ कटे।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : महिला के ससुर ने अपनी ही बहू पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में महिला के दोनों हाथ कट गये और हड्डी भी टूट गई। आपको बता दें कि ये घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की है। जहां के नर्मदा अस्पतला में इस महिला को कटी हाथों के साथ भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने तकरीबन 9 घंटे की सर्जरी के बाद असंभव से दिखने वाले काम को संभव कर दिखाया है।

आपको बता दें कि यहां छह डॉक्टरों की टीम ने 9 घंटे सर्जरी के बाद महिला के दोनों हाथ को कलाई के पास से जोड़ दिया। अब महिला की स्थिति ठीक है। इस मुश्किल सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम भी काफी उत्साहित है।

डॉक्टरों ने जोड़े महिला के दोनों कटे हाथ

दरअसल, 11 नवंबर को विदिशा में रहने वाली एक महिला को गंभीर हालत में भोपाल के नर्मदा अस्पताल लाया गया था। महिला के ससुर ने उस पर तलवार से जानलेवा हमला किया था। तलवार से खुद को बचाने के दौरान महिला के दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आई थी और दोनों हाथ कि खून वाली नसें कलाई के पास से कट गईं और हड्डी भी भी टूट गई थी। साथ ही महिला के चेहरे पर वार से उसके चेहरे पर भी काफी गंभीर चोटें आईं थी। बताया जा रहा है कि महिला का हाथ कटकर लगभग लटक गया था।

महिला पर ससुर ने किया था जानलेवा हमला

ऑपरेशन थिएटर में ट्रामेंटोलोजिस्ट और स्पाइन सर्जन डॉक्टर राजेश शर्मा, क्रिटिकल केअर स्पेशलिस्ट डॉक्टर रेणु शर्मा के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जन, वस्कुलर सर्जन, एनेस्थेसिया विशेषज्ञ, फिजिशियन और जनरल सर्जन की टीम ने महिला के हाथों की सर्जरी शुरू की। करीब 8 से 9 घंटे चले ऑपेरशन के बाद महिला के कलाई से लटके हाथ को जोड़ लिया गया।  इसके साथ ही उसके चेहरे पर आए गंभीर जख्मों को ठीक किया गया।

डॉक्टरों की 6 टीम ने 9 घंटे में की सर्जरी

डॉक्टरों ने बताया कि कलाई में खून पहुंचने वाली बारीक नसों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसलिए प्लास्टिक सर्जन ने हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ महिला की सर्जरी की जो कि लगभग 8 से 9 घंटे तक चली। उसके दोनों हाथों को बचाने में सफल रहे। इस ऑपरेशन को सफल बनाने वालों में प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर विशाल रामपुरी, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशांत यशवंते, फिजिशियन डॉक्टर गोपाल बाटनी रहे।

जानें क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि पीड़ित महिला की पहचान सीमा चतुर्वेदी के रूप में हुई है। वहीं उसके ससुर का नाम नारायण चतुर्वेदी है, जो विदिशा के किले अंदर स्थित बालाजी मंदिर का पुजारी है। ससुर को पुलिस ने अपने हिरासत में ले लिया है। घायल मां के बेटे वेंकटेश चतुर्वेदी ने बताया कि दादा से हमें ये उम्मीद नहीं थी कि वो मां पर जानलेवा हमला करेंगे लेकिन उन्होंने मां को अकेला पाकर धारधार तलवार से हमला कर दिया। दादा को सिर्फ इस बात कि दिक्कत थी कि मां शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रख रही थी। तब दादा ने कहा कि तुम कुछ भी कर लो तुम्हारे बच्चे भीख ही मांगेंगे तो मां ने इन शब्दों को चैलेंज के तौर पर लिया और शादी के बाद मां शिक्षक बनी और उनकी नौकरी लग गई।

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