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शर्मनाक! ऑनलाइन क्लास के दौरान हस्तमैथुन कर रहा था प्रोफेसर, छात्रा ने बनाया पूरा वीडियो; बोला- मैं नंपुसक

Embarrassing! Professor masturbating during online class; दुनिया में जारी कोरोना महामारी के बीच लगभग सभी सुविधाओं को ऑनलाइन कर दिया गया था। जिससे लोग इस महामारी से बच सकें। लेकिन इस बीच ऐसी कई शर्मनाक घटना देखने को मिली, जिसने ऑनलाइन व्यवस्थाओं पर ही सवाल खड़ा कर दिया था।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : ऑनलाइन क्लास के दौरान एक छात्रा ने अपने प्रोफेसर पर हस्तमैथुन करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर को नौकरी से निकाल दिया है। जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आपको बता दें कि ये मामला अमेरिका के एक विश्वविद्यालय की है। इस मुकदमें में हॉवर्ड रॉबिन्सन नाम के प्रोफेसर ने दावा किया है कि वह नपुंसक है। रॉबिन्सन का यह भी दावा है कि उसके नागरिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया था और वह चाहता है कि विश्वविद्यालय उसे बहाल करें।

सुनवाई का नहीं दिया गया मौका

प्रोफेसर ने दावा किया कि विश्वविद्यालय ने उसे अपना बचाव करने के अधिकार से वंचित कर दिया था। मुकदमे में कहा गया है कि यौन दुराचार और यौन उत्पीड़न संघीय नागरिक अधिकार कानून शीर्षक 11 के अंतर्गत आता है। अगर रॉबिन्सन ने इसका उल्लंघन किया तो वह लाइव सुनवाई के हकदार थे। हालांकि, फोर्डहम विश्वविद्यालय ने फैसला किया था कि यह घटना इस कानून से बाहर की थी इसलिए बिना सुनवाई के प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया था।

मेरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को गलत समझा गया

हॉवर्ड रॉबिन्सन का आरोप है जिस छात्रा ने उसे हस्तमैथुन करने का दावा किया था। उस समय वह 69 साल की उम्र होने के कारण कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहा था। हालांकि इस युवती ने पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। उसने अपने भाई और बॉयफ्रेंड से इस वीडियो को दिखाया। दोनों ने माना की प्रोफेसर इस दौरान हस्तमैथुन कर रहा था।

‘मैं हस्तमैथुन करने मे असमर्थ’

69 वर्षीय प्रोफेसर का दावा है कि वह इरेक्टाइल डिसफंक्शन से पीड़ित होने के कारण हस्तमैथुन करने में असमर्थ हैं। रॉबिन्सन ने कहा कि उन्हें कथित तौर पर पेशाब की समस्या है। उन्होंने दावा किया कि पेशाब करने के लिए भी उन्हें संघर्ष करना पड़ता है। हालांकि वीडियो देखने के बाद विश्वविद्यालय ने उनके दावों को तब खारिज कर दिया था।

विश्वविद्यालय ने बताया सहानभूति बंटोरने की कोशिश

फोर्डहम विश्वविद्यालय के प्रशासक जोनाथन क्रिस्टल ने प्रोफेसर के मुकदमे को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि रॉबिन्सन को अपने कार्यों के परिणामों को स्वीकार करने में मुश्किल का अनुभव हो रहा है। विश्वविद्यालय का पैनल उनकी सहानुभूति बंटोरने की कोशिश के पूरी तरह परिचित है। फोर्डहम की नीति के लिए उनकी अपनी लापरवाही और उपेक्षा ने उन्हें आज इस मुकाम पर ला दिया है।

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