Home Breaking News संसद में भगवंत मान- ‘जिसे मुंह सूंघना है अभी आओ, बीच में डिस्टर्ब होता है’

संसद में भगवंत मान- ‘जिसे मुंह सूंघना है अभी आओ, बीच में डिस्टर्ब होता है’

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किसी ने ठीक ही कहा है सैकड़ो अच्छाइयों पर एक बुराइ भी भारी पड़ जाती है ! ऐसा ही कुछ हो रहा है पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान के साथ।

हालांकि भगवंत मान ने कई बार सार्वजनिक सभाओं ले लेकर संसद तक दावा किया है कि ‘अब मैं शराब नहीं पिता’, लेकिन इसके बाद भी शराब के नशे में संसद में प्रवेश करने का लांछन मान के सिर से हटाए नहीं हटा रहा।

वो अपने शराब की लत के कारण अक्सर विपक्ष के निशाने पर रहे हैं, लेकिन अबकि बार उन्होंने संसद में अपने बयान से विरोधियों के स्तब्ध कर दिया।इसे ऐसे समझिए कि संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव की स्थिति दिख रही थी।

हालांकि भारी हो-हंगामे के बीच सरकार ने 80 वोटों के मुकाबले 311 वोट से बिल पास करा लिया। लेकिन बिल पर बहस के दौरान भगवंत मान ने कुछ ऐसा कहा जिससे सत्ता पक्ष की तिखी जुबान भी खुलसे से पहले सहम गए।

दरअसल, आम आदमी पार्टी ने भी मोदी सरकार द्वारा लाए गए इस बिल का विरोध किया है। वहीं संसद में पार्टी का पक्ष रखते हुए भगवंत मान ने दिल खोल कर अपनी अपनी पीड़ा बताई। लेकिन शायद नई बात कहने से पहले मान के मन में पुरानी यादे ताजा हो गई।

लिहाजा उन्होंने आरंभ से पहले ही विरोधियों को सचेत कर दिया कि जिसे भी मुंह सूंघना है सूंघ लो फिर बाद में मत कहना। दरअसल, आपके सासंद पर कई बार ऐसे आरोप लग चुके हैं कि वो नशे की हालत में संसद में आते हैं।

लिहाजा नागरिकता संशोधन बिल पर अपनी बात कहने से पहले लोकसभा में तंज कसते हुए भगवंत मान ने कहा कि, “सबसे पहले मैं अपने बीजेपी के मित्रों को ये बताना चाहता हूं कि मैं बोलना शुरू कर रहा हूं, जिसको मेरा मुंह सूंघना है वो अभी आ जाए, फिर बीच में डिस्टर्ब होता है। जब भी मैं सच बोलता हूं तो आपको शक होता है।

लिहाजा नागरिकता संशोधन बिल पर अपनी बात कहने से पहले लोकसभा में तंज कसते हुए भगवंत मान ने कहा कि, “सबसे पहले मैं अपने बीजेपी के मित्रों को ये बताना चाहता हूं कि मैं बोलना शुरू कर रहा हूं, जिसको मेरा मुंह सूंघना है वो अभी आ जाए, फिर बीच में डिस्टर्ब होता है। जब भी मैं सच बोलता हूं तो आपको शक होता है।


हालांकि ये कोई पहला मौका नहीं है जब भगवंत मान शराब को लेकर संसद में चर्चा का केंद्र बने है, बल्कि इससे पहले मान पर तंज कसते हुए पीएम मोदी भी मान की बात कह चुके हैं।

दरअसल, साल 2017 में संसद में चर्चा के दौरान पीएम मोदी मान पर तंज कसते हुए चार्वाक का श्लोक पढ़ा था, ‘यवज्जीवेत्, सुखम् जीवेत। ऋणम् क्रित्वा, घृतम् पिबेत्।। भस्मिभूतस्य देहस्य, पुनार्गमनम् कुत:?’ अर्थात जब तक जियो, मौज करो, कर्ज लेकर भी घी पियो। मरने के बाद क्‍या है?


इसी के साथ पीएम मोदी ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा था कि कुछ लोगों ने चार्वाक के वाक्य को जीवन का आधार मान लिया है। इसी दौरान उन्होंने भगवंत मान की ओर देखते हुए बोले- भगवंत मान…उस समय संस्कार थे तो घी कहा, वरना कुछ और पीने को कहते। बता दें कि पीएम मोदी की इस बात पर संसद का नजारा वाकई देखने लायक था।

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