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मार्च तक पूरा हो जाएगा बीपीसीएल समेत इन छह सरकारी कंपनियों का निजीकरण, जानें कौन- कौन हैं शामिल

Privatization of these six government companies including BPCL will be completed by March; मार्च तक छह सरकारी कंपनियों का निजीकरण पूरा होने की उम्मीद है। दिसंबर-जनवरी में वित्तीय निविदाएं मंगाई जा सकती हैं।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि इस वित्त वर्ष में अभी तक सिर्फ 9,330 करोड़ रुपये ही विनिवेश से जुटाए जा सके हैं। यह राशि सार्वजनिक इकाइयों में अपनी अल्पांश हिस्सेदारी बेचने और एसयू-यूटीआई की बिक्री से मिली है।

अब केंद्र सरकार की बीपीसीएल समेत छह सरकारी कंपनियों का निजीकरण मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहीन कांत पांडेय ने कहा, बीपीसीएल के निजीकरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। बीईएमएल, शिपिंग कॉर्प, पवन हंस, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स और एनआईएनएल के लिए दिसंबर-जनवरी में वित्तीय निविदाएं मंगाई जा सकती हैं।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के कार्यक्रम में पांडेय ने कहा कि 19 साल बाद पांच से छह पीएसयू का निजीकरण इसी साल होगा। इनके निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष में ही पूरी हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) का निजीकरण एक प्रक्रिया में है। तीन बिडर्स यानी बोली लगाने वालों ने कथित तौर पर तेल विपणन कंपनी के अधिग्रहण में रुचि दिखाई है।

सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया की कमान टाटा समूह को सौंप दिए जाने की प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद भी जताई। एलआईसी का शेयर बाजार में लिस्टेड होना सरकार के लिए विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने के लिहाज से बेहद अहम होगा। इनमें बोलियां लगाने के लिए निजी कंपनियों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम का आईपीओ जनवरी-मार्च में ला सकती है। उन्होंने कहा कि ये आईपीओ मार्केट के लिए किसी बड़े इवेंट से कम नहीं होगा।

उन्होंने आगे बताया कि ऐसी चीजों को तेजी से पूरा करने के लिए आधिकारिक और मंत्रिस्तरीय स्तर पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं कैबिनेट सचिव ने भी प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए एक बैठक की है।

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