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गांजा पीने वालों के लिए खुशखबरी, AMAZON पर है उपलब्ध! अब हो रहा…

Good News for Hemp Drinkers, Available on AMAZON! ; अमेजॉन पर गांजा बिकने का मामला आया सामने। पुलिस ने गांजे के 3 तस्करों को किया गिरफ्तार। CAIT ने AMAZON फ्यूचर डील का किया विरोध।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : यदि आप गांजा के आदि हैं तो ये खबर आपके लिए है। अब गांजा के लिए आपको कहीं भटकना नहीं पड़ेगा, AMAZON पर उलब्ध है गांजा। दरअसल एक हैरान करने वाली खबर सामने आयी है। अमेजॉन पर गांजा बिकने का मामला सामने आया है। इस मामले में मध्यप्रदेश के भिंड पुलिस ने गांजे के 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए 3 आरोपी अमेजॉन शॉपिंग के जरिए गांजे की तस्करी करते थे। यह भी जानकारी मिली है कि यह तीनों आरोपी पिछले 1 साल में 1 क्विंटल से ज्यादा गांजा अमेजॉन के जरिए बेच चुके है। इसकी कीमत 1 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है, जिसके ऐवज़ में ऐमजॉन को 66 प्रतिशत कमीशन मिला। फिलहाल पुलिस इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करके उनसे पूंछताछ कर रही है।

बता दें कि इस खबर के बाहर आने के बाद CAIT ने AMAZON फ्यूचर डील का विरोध किया है। CAIT का कहना है कि इस डील को मिली मंजूरी तुरंत रद्द की जानी चाहिए। इस बीच फ्यूचर ग्रुप के एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ने भी अमेजॉन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डायरेक्टर रविन्द धारीवाल ने फ्यूचर ग्रुप और अमेजन की डील से जुड़े हुए सारे दस्तावेज और ईमेल सीसीआई को सौंपे हैं । इन ईमेल के जरिए खुलासा हुआ है की अमेजन ने CCI से मंजूरी लेने के लिए गलत तथ्य रखे और गलत जानकारी दी थी। पत्र में कहा गया है कि यदि अमेजन ने एफआरएल पर नियंत्रण हासिल करने के अपने इरादे का खुलासा किया होता, ऐसे में इस सौदे से देश में फेमा और एफडीआई कानूनों का उल्लंघन होता।

डायरेक्टर रविन्द धारीवाल ने कहा है कि अमेजन का फ्यूचर डील को लेकर शुरु से ही विरोधाभासी नजरिया था। अमेजन फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार में निवेश करना चाहती थी। सरकार के 2018 के प्रेस नोट 2 के बाद अमेजन ने अपनी रणनीति बदली। Amazon ने ola, Paytm, Zomato, swiggy और ril को restricted person की लिस्ट में डाला है।

डायरेक्टर रविन्द धारीवाल ने फ्यूचर ग्रुप और अमेजन की डील से जुड़े हुए सारे दस्तावेज और ईमेल सीसीआई को सौंपे हैं। इन ईमेल के जरिए खुलासा हुआ है की अमेजन ने CCI से मंजूरी लेने के लिए गलत तथ्य रखे और गलत जानकारी दी थी। प्रेस नोट के बाद अमेजन ने फ्यूचर कूपंस में हिस्सेदारी खरीदी। अमेजन ने मंजूरी लेने के लिए सीसीआई के सामने गलत तथ्य रखें और सीसीआई को गलत जानकारी दी। अगर कंपनी सही तथ्य रखती तो कंपनी को सेबी से मंजूरी लेनी पड़ती। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए CAIT ने डील को मिली मंजूरी तुरंत रद्द करने की मांग की है।

 

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