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…इस बैंक ने बिना मांगे ही 84000 ग्राहकों को जारी कर दिया Loan, जानिए क्या है पूरा मामला

This bank has issued loan to 84000 customers without asking; बिना मांगे ही 84000 ग्राहकों को बैंक ने जारी किया लोन। बैंक ने स्वीकार किया अपनी गलती। बैंक ने बताया ‘लोन एवरग्रीनिंग’ पर व्हिसलब्लोअर के दावों को पूरी तरह से ‘‘गलत और निराधार’’।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : बैंक से लोन लेने के चक्कर न जानें कितने लोगों के पैरों के चप्पल घिस जाते है, कितने लोगों के बैंक के चक्कर काटते-काटते उम्र ढ़ल जाती है। लेकिन लोन नहीं मिलता। अगर मिलता भी हैं तो तब जब समय गुजर चुका होता है। या जब वे लोन के एवज में अपनी जरुरत की राशि का कुछ हिस्सा गंवाते है। हालांकि अभी तक किसी बैंक ने लोगों की जरुरत के हिसाब से या समय पर लोन नहीं दिया। वे देते भी उसे हैं, जो पहले से ही या तो कर्ज में डूबा हो या वो कोई बड़ा आदमी हो। लेकिन यहां एक बैंक ने बिना मांगे ही 84000 ग्राहकों को लोन जारी कर दिया।

आपको बता दें कि वो बैंक है इंडसइंड बैंक। इंडसइंड बैंक ने ‘लोन एवरग्रीनिंग’ पर व्हिसलब्लोअर के दावों को पूरी तरह से ‘‘गलत और निराधार’’ बताते हुए हुए शनिवार को स्वीकार किया कि उसने मई में तकनीकी गड़बड़ी के कारण 84,000 हजार ग्राहकों को बिना उनकी सहमति के लोन दिया। ‘लोन एवरग्रीनिंग’ का अर्थ डिफॉल्ट की कगार पर पहुंच चुके लोन का नवीनीकरण करने के लिए उस फर्म को ताजा लोन देना है।

निजी क्षेत्र के बैंक ने सफाई देते हुए कहा कि फील्ड कमचारियों ने दो दिन के भीतर ही बिना सहमति के ग्राहकों को लोन देने की सूचना दी थी, जिसके बाद इस गड़बड़ी को तेजी से ठीक कर लिया गया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अज्ञात व्हिसलब्लोअर ने बैंक प्रबंधन और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इंडसइंड बैंक की सहायक इकाई बीएफआईएल द्वारा दिए गए इस तरह के लोन के बारे में एक पत्र लिखा है, जिसमें कुछ शर्तों के साथ लोन के नवीनीकरण (लोन एवरग्रीनिंग) का आरोप लगाया गया है। इस तरह जहां मौजूदा ग्राहक अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे थे, वहां उन्हें नया लोन दिया गया, ताकि बही-खातों को साफ रखा जा सके।

मई 2021 में हुई थी ये गलती

बैंक ने इन आरोपों पर कहा कि, ‘‘हम लोन एवरग्रीनिंग के आरोपों का पूरी तरह से खंडन करते है। बीएफआईएल द्वारा जारी और प्रबंधित लोन नियामक द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के बाद ही दिए गए। इसमें कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान दिए गए लोन भी शामिल है।’’ बैंक ने कहा कि मई 2021 में तकनीकी गड़बड़ी के कारण करीब 84,000 ग्राहकों को बिना अनुमति के लोन दिए गए।

26 हजार एक्टिव क्लाइंट

जिन 84 हजार क्लाइंट को लोन बांटा गया है उनमें से 26 हजार 73 क्लाइंट सितंबर 2021 के अंत तक एक्टिव थे। उनपर आउटस्टैंडिंग लोन 34 करोड़ का था जो सितंबर तिमाही के पोर्टफोलियो का 0.12 फीसदी है।

सितंबर तिमाही का रिजल्ट

सितंबर तिमाही में इंडसइंड बैंक का प्रदर्शन शानदार रहा है। सालाना आधार पर बैंक के प्रॉफिट में 72 फीसदी का उछाल आया है और इसका नेट प्रॉफिट 1113 करोड़ रहा. सितंबर 2020 तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 647 करोड़ रहा था। सितंबर तिमाही में इंट्रेस्ट इनकम में करीब 6.59 फीसदी का उछाल आया और यह 7650 करोड़ रहा। इस तिमाही में प्रोविजनिंग में गिरावट आई और यह 1703 करोड़ रही।

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