1. हिन्दी समाचार
  2. Breaking News
  3. हमारा संविधान वैश्विक लोकतंत्र की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि – PM मोदी

हमारा संविधान वैश्विक लोकतंत्र की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि – PM मोदी

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

आज संविधान दिवस पर संसद के केंद्रीय कक्ष में PM मोदी जी ने संसद के दोनों सदनों को सम्बोधित किया और देश के संविधान में योगदान देने वाले सभी महापुरुषों को याद किया वही 26 नवम्बर के हमले को याद करते हुए उन्होंने कहा की उन्हें उस दिन का दर्द आज भी होता है.

उन्होंने कहा की कुछ दिन और अवसर ऐसे होते हैं जो हमारे अतीत के साथ हमारे संबंधों को मजबूती देते हैं। हमें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। आज 26 नवंबर का दिन ऐतिहासिक दिन है। 70 साल पहले हमने विधिवत रूप से, एक नए रंग रूप के साथ संविधान को अंगीकार किया था।

26 नवंबर हमें दर्द भी पहुंचाता है। जब भारत की महान परंपराओं, हजारों साल की सांस्कृतिक विरासत को आज के ही दिन मुंबई में आतंकवादी मंसूबों ने छलनी करने का प्रयास किया था। मैं वहां मारी गईं सभी महान आत्माओं को नमन करता हूं।

डॉ राजेन्द्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल, मौलाना आजाद, सुचेता कृपलानी और अनेक अनगिनत महापुरुषों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष योगदान देकर ये महान विरासत हमें सौंपी हैं। मैं उन सभी महापुरुषों को नमन करता हूं।

हमारा संविधान हमारे लिए सबसे पवित्र ग्रंथ है। ऐसा ग्रंथ जिसमें हमारे जीवन की, समाज की परंपराओं, हमारे आचार-विचार का समावेश है और अनेक चुनौतियों का समाधान भी है.

हमारा संविधान वैश्विक लोकतंत्र की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है। यह न केवल अधिकारों के प्रति सजग रखता है बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी बनाता है.

अधिकारों और कर्तव्यों के बीच के इस रिश्ते और इस संतुलन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने बखूबी समझा था। आज जब देश पूज्य बापू की 150वीं जयंती का पर्व मना रहा है तो उनकी बातें और भी प्रासांगिक हो जाती हैं.

सेवाभाव, संस्कार और कर्तव्य हर समाज के लिए बहुत अहम हैं। लेकिन सेवाभाव से कर्तव्य अलग है। सेवाभाव किसी भी समाज को सशक्त करता है। उसी तहर कर्तव्यभाव भी बहुत अहम है। एक नागरिक के नाते हमें वो करना चाहिए, जिससे हमारा राष्ट्र शक्तिशाली बने।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...