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महिलाओं की कुंडली में ये ग्रह हो बलवान तो मिलता है हर सुख, पढ़िए

By RNI Hindi Desk 
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हर व्यक्ति जीवन में सारे सुख चाहता है और इसमें गृहस्थ सबसे अहम है। ज्योतिष विज्ञान में 9 ग्रहों का अध्ययन करना और उन्हें समझना महत्वपूर्ण है। इसी के बाद यह कहा जा सकता है कि कैसे एक स्त्री की कुंडली में उसे सुख मिल सकता है।

अगर एक स्त्री के जीवन की बात की जाए तो उसकी कुंडली में चंद्र, मंगल , शुक्र और गुरु का बड़ा महत्व है। सबसे पहले हम बात करते है चंद्र की, दरअसल चंद्र मन का कारक है और स्त्री का मन बड़ा कोमल होता है।

अगर स्त्री की कुंडली में मन के कारक चंद्र पर पाप प्रभाव हो तो वो निर्णय नहीं ले पाती और उसके मन में अनजाना भय रहता है इसलिए चंद्र का अच्छी स्थिति में होना बड़ा जरुरी है।

उसके बाद बात करे मंगल की तो स्त्री की कुंडली में मंगल मासिक धर्म का कारक है। रक्त का कारक है वही पति के सौभाग्य को भी दिखाता है। अगर मंगल बलवान हो या राजयोग में हो तो उस स्त्री को गर्भ धारण में कोई समस्या नहीं होती है।

अगर मंगल गलत प्रभाव में हो या कमजोर हो तो विवाह नहीं होगा, मासिक धर्म समय पर नहीं आएगा और अगर मंगल पाप प्रभाव के साथ पंचम पर प्रभाव डाल रहा हो तो संतान पैदा करने में रक्त संबंधी परेशानी दे देता है।

इसके बाद बात करते है शुक्र की, इस ग्रह को काम वासना, भोग और हार्मोन्स का कारक माना गया है। स्त्री की सुंदरता और चेहरे का विचार शुक्र से होता है। अगर शुक्र बलवान हो तो उसे भोग मिलता है और शरीर सुख भी प्राप्त होता है। ऐसी महिला हमेशा धनी होती है।

अगर शुक्र कमजोर हो तो सुंदरता में कमी आएगी, भोग नहीं मिल पाएगा वही जननांग से सम्बंधित रोग हो सकते है। अगर शुक्र पर पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो ऐसी स्त्री मर्यादा को पार कर गलत रास्ता भी अपना सकती है।

इसके बाद बात करते है गुरु की, यह एक ऐसा ग्रह है जो उसके पति के बारे में जानकारी देता है। पति अगर बलवान हो तो स्त्री को फिर किस चीज़ की कमी ?? इसलिए यह ग्रह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

अगर गुरु राजयोग बनाकर या शुभ होकर बैठा हो तो ऐसी स्त्री का पति बलवान और बुद्धिमान होता है। वो सदैव उसी से प्रेम करता है। महिला की कुंडली में अगर गुरु शुभ होकर पंचम भाव के स्वामी से साथ राजयोग बना दे तो उसे उत्तम संतान मिलती है।

पति और धन का कारक गुरु अगर बलवान हो तो स्त्री के सारे ग्रह अपने आप सुधर जाते है। अगर गुरु केंद्र में बलवान होकर राजयोग बना रहा हो तो सारे बुरे योगों को अकेला खत्म करने की क्षमता रखता है।

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