Home Breaking News पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता बनर्जी- अमित शाह

पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता बनर्जी- अमित शाह

0 second read
0
118

कोलकाता। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल में जनसभा को संबोधित किया। भारी जनसमूह के बीच अमित शाह ने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में कमल जरूर खिलेगा। उन्‍होंने कहा कि सभास्‍थल पर मौजूद जनसैलाब यही संदेश दे रहा है। शाह ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि हमारी आवाज को वो नहीं दबा सकती हैं। शाह ने कहा कि यहां पर मौजूद लाखों लोग इस बात के गवाह हैं कि वह ममता सरकार से पूरी तरह से उब चुके हैं। उन्‍होंने यहां की सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर वह एनआरसी का विरोध क्‍यों कर रही हैं। उन्‍होंने एनआरसी की उपयोगिता बताते हुए कहा कि हम इसके जरिए ही बांग्‍लादेशी घुसपैठियों को रोक सकते हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि यहां की जनता बांग्‍लादेशी घुसपैठियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। शाह ने आगे कहा कि ममता जी इन घुसपैठियों को राज्‍य में शरण देना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि पहले घुसपैठियों का वोट कम्युनिस्ट पार्टियों को मिलता था तो ममता घुसपैठियों का विरोध करती थीं, लेकिन जब यह वोटबैंक टीएमसी में खिसक गया तो वह एनआरसी का विरोध कर रही हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बना दिया है। इस मसले पर उन्‍होंने कांग्रेस की भी खिंचाई की। शाह ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस और राहुल गांधी का भी स्‍टैंड साफ नहीं है। शाह ने कहा कि पहले इस रैली को रोकने की कोशिश की गई और अब पश्चिम बंगाल के सारे स्थानीय चैनलों को डाउन कर दिया गया है, ताकि लोग रैली का प्रसारण न देख सकें। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल की विरोधी कैसे हो सकती है, जबकि हमारी पार्टी के संस्थापक श्यामा प्रसाजद मुखर्जी बंगाल से ही थे। भाजपा बंगाल विरोधी नहीं, ममता विरोधी है। शाह ने कहा कि ममता जी भाजपा के लिए राष्‍ट्रहित पहले है और वोटबैंक की राजीनति बाद में है। ये घुसपैठिये पश्चिम बंगाल ही नहीं देश के लिए खतरा बन गए हैं। अगर उन्‍हें नहीं रोका गया तो यह देश के लिए खतरनाक होगा। शाह ने कहा कि ममता राज में बंगाल असुरक्षित है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि इस समस्‍या का एनआरसी मात्र समाधान है।

Load More In Breaking News
Comments are closed.