Home mumbai महाराष्ट्र: 15 दिन कर्फ्यू की घोषणा के बाद सूनी पड़ी सड़कों से घर लौटने लगे प्रवासी मजदूर, पुलिस पर जबरन वसूली का आरोप

महाराष्ट्र: 15 दिन कर्फ्यू की घोषणा के बाद सूनी पड़ी सड़कों से घर लौटने लगे प्रवासी मजदूर, पुलिस पर जबरन वसूली का आरोप

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

महाराष्ट्र: कोरोना महामारी देश में लगातार अपना प्रसार करता ही जा रहा है, महामारी के कहर में लोगो की जिंदगियां बचानी मुश्किल हो रही है। वहीं महाराष्ट्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आपकी रुह कांप जायेगी। दरअसल, महामारी की चेन को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 15 दिन के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। जिसके बाद मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के लोग अपने घर लौट रहे हैं।

महामारी से तो लोगो की मौत हो ही रही है, वहीं दूसरी तरफ लोगो की आजीविका पर सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसी के साथ महाराष्ट्र पुलिस पर भी लोगो ने वसूली का आरोप लगाया है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 61695 नये मामले सामने आये हैं। इस दौरान 349 लोगो ने अपनी जान गंवा दी है।


सूनी पड़ी महाराष्ट्र की सड़को के बीच एक टैक्सी ड्राइवर ने कहा, कर्फ्यू की घोषणा के बाद हम अपने घरों को लौट रहे हैं। यहां पर आजीविका की समस्या है। पिछले साल भी लॉकडाउन के बाद अपने घर लौट गया था। स्थिति में सुधार होने के बाद वापस लौट आया। पिछले साल की तरह इस बार भी पुलिस ने हमें परेशान किया और जबरन वसूली की।

आपको बता दें कि 50 से ज्यादा प्रवासी मजदूर इंदौर बाईपास के पास दो जीपों में जाते हुए देखे गए। महाराष्ट्र से लौट रहे एक कार्यकर्ता सनाउल्लाह खान ने कहा, हम पुणे से आ रहे हैं। बस ने उनसे प्रति टिकट 2,500-3000 रुपए लिए। फिर भी उन्होंने हमें महाराष्ट्र के बॉर्डर पर बस से उतार दिया। वहां से दूसरी गाड़ी में बैठने के लिए कह दिया। वहां बॉर्डर चेक प्वॉइंट पर पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के लोग तैनात थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।

वहीं हालात को बयां करते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि, पुलिस प्रशासन की मदद से हमने प्रवासी लोगों की मदद के लिए टैंट लगाया है। खाना और आराम करने के लिए जगह के अलावा डॉक्टर और दवाइयां भी उपलब्ध हैं। यदि जरूरत पड़ी तो हॉस्पिटल की भी सुविधा है। महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ते COVID-19 मामलों के मद्देनजर बुधवार से राज्य में धारा 144 लगा दी है। इसके बाद से ही कई प्रवासी श्रमिक अपने घर लौट रहे हैं।

 

 

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