Home Breaking News सती प्रथा की तरह हलाला पर भी लगे रोक- अल्पसंख्यक आयोग

सती प्रथा की तरह हलाला पर भी लगे रोक- अल्पसंख्यक आयोग

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लखनऊ। राज्य अल्पसंख्यक आयोग हलाला मामले की दूसरी पीडि़ताओं से आठ अगस्त को मिलेगा। इन्हें केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी लखनऊ लेकर आ रही हैं। इनका दर्द सुनने के बाद अल्पसंख्यक आयोग हलाला मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगा। आयोग मामले में कानून बनाकर कड़ाई के साथ इसे लागू करने की पैरवी करेगा। सती प्रथा की तरह हलाला पर रोक जरूरी है।

दरअसल, बरेली में निदा खान को इस्लाम से खारिज करने का फतवा जारी करने का मामला हो या फिर एक महिला को ससुर के साथ हलाला करने के लिए बाध्य करने के मामला। दोनों ही मामले अत्यंत गंभीर व समाज को हिला देने वाले हैं। इसलिए अल्पसंख्यक आयोग ने दो सदस्यीय टीम गठित कर इस मामले की जांच करवाई। इसमें रूमाना सिद्दीकी व कुंवर इकबाल हैदर शामिल हैं। इन दोनों ने बरेली जाकर दोनों पीडि़त महिलाओं से मिलकर उनकी आपबीती सुनी। आयोग इस मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

आयोग हलाला पर अंकुश लगाने के लिए अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगा। इससे पहले आयोग ने हलाला से पीडि़त अन्य महिलाओं को भी बुलाया है। आयोग के चेयरमैन तनवीर हैदर उस्मानी ने बताया कि आठ अगस्त को फरहत नकवी इससे पीडि़त अन्य महिलाओं को लेकर आ रही हैं। सभी महिलाओं की पीड़ा सुनने के बाद आयोग हलाला पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सती प्रथा पर रोक लगाई गई है, उसी प्रकार हलाला पर भी रोक लगाना जरूरी है।

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