Home Breaking News प्रशासन ने मानी छात्रों की मांगे : यूनिवर्सिटी की अपील- क्लास वापस आएं स्टूडेंट्स !

प्रशासन ने मानी छात्रों की मांगे : यूनिवर्सिटी की अपील- क्लास वापस आएं स्टूडेंट्स !

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जेएनयू स्टूडेंट्स ने सोमवार को एआईसीटीए बिल्डिंग के बाहर फीस वृद्धि को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। जिस गुस्से का सामना जेएनयू का दीक्षांत समारोह मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल को भी करना पड़ा था !

आपको बता दें की सोमवार को जवाहरलाल नहरू यूनिवर्सिटी को छात्रों फीस वृद्धि और ड्रेस कोड जैसी पाबंदियों के विरोध में लगातार प्रदर्शन किया था उनकी मांग थी कि फीस में जो बढ़ोतरी की गई है उसे वापस लिया जाए।

प्रशासन ने सबसे अधिक वन टाइम सिक्योरिटी चार्ज (रिफंडेबल) फीस जो पहले 5500 थी को बड़ाकर 12 हजार कर दिया गया था, सर्विस चार्ज शून्य से बढ़ाकर 1700 रुपये और सिंगल रूम चार्ज 20 रुपये महीना बढ़ाकर 600 रुपये महीना..

वहीं, दो बेड वाले रूम का किराया 10 रुपये महीना से बढ़ाकर अब 300 रुपये महीना कर दिया गया था। वहीं हॉस्टल में पहले छात्रों को कभी सर्विस चार्ज या यूटिलिटी चार्जेज जैसे कि पानी और बिजली के पैसे नहीं देने होते थे.

लेकिन जेएनयू स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल फीस और अन्य बढ़ोतरी में कमी करने का फैसला किया।

JNU Fees Tention
JNU Fees Tention

जिसकी जानकारी शिक्षा मंत्री आर सुब्रमण्यन ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और स्टूडेंट्स से कहा कि वे अब क्लास वापस जाएं और एग्जिक्यूटिव कमिटी (जेएनयू की सबसे बड़ी नियामक संस्था) की बैठक में पिछड़े वर्ग के स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव को लाने की भी बात की।

रिवाइज्ड फीस स्ट्रक्चर—

सर्विस चार्जेज: एज पर एक्चुअल रहेंगे

यूटिलिटी चार्जेज: 1700 रुपये होंगे जोकि पहले नहीं लिया जाता था 

रूमरेंट (सिंगल)- 200 रुपये  किया गया जो पहले 20 रुपये था

रूमरेंट (डबल)– 100 रुपये किया गया जो पहले 10 रुपये था

वन टाइम मेस सिक्योरिटी– 5,500 रुपये की गई जो पहले 5500 रुपये ही थी,

साथ ही बैठक में तय किया कि ईडब्ल्यूएस (इकोनॉमिक वीकर सेक्शन) यानी निम्न आय वर्ग परिवारों से आने वाले छात्रों को अलग से मदद देने की भी बात की गई है।

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