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दिल्ली में पानी को लेकर कोहराम।

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राजधानी दिल्ली में स्वच्छ पानी की सप्लाई को लेकर कोहराम मचा हुआ है। गुरूवार को बीजेपी नेताओं ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बार जमकर प्रदर्शन किया। इन नेताओं के हाथों में पानी के सैंपल थे। अभी हाल ही में बीआईएस ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसके अनुसार भारत के 21 प्रमुख शहरों में दिल्ली की पेयजल की स्थिति को लेकर बताया था कि यहां की पानी सही नहीं है। और इसी रिपोर्ट के आने के बाद दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।

गंदे पानी को लेकर प्रदर्शन करनेवालों में बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता सबसे आगे थे। बीजेपी के समर्थक बैनर के साथ प्रोटेस्ट कर रहे थे। इससे पहले गुरुवार को ही दिल्ली की सड़कों पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर देखे गए। इसमें उनसे पानी से संबंधित सवाल पूछे गए हैं। ये पोस्टर लगाए किसने हैं, यह फिलहाल साफ नहीं है। केजरीवाल सरकार के खिलाफ पोस्टर आईटीओ पर देखे गए। जिसमें पूछा गया कि अगर दिल्ली का पानी साफ है तो पिछले चार सालों में डायरिया और हैजे के रोगी बढ़ क्यों गए हैं। पोस्टर में दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन यानी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा जा रहा है।

सही मायने में देखा जाय तो दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। क्योंकि केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने संयुक्त जांच टीम में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष को नामित करने पर सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है, वहीं अब केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि पानी की गुणवत्ता जांच में जिस नमूने का इस्तेमाल किया गया, उनमें से एक पासवान की पार्टी पदाधिकारी के घर का था।

दरअसल 16 नवंबर को पासवान ने बीआईएस की रिपोर्ट जारी की थी जिसके अनुसार भारत के 21 प्रमुख शहरों में से दिल्ली में पेयजल की स्थिति सर्वाधिक असुरक्षित थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली में लिए गए पानी के नमूने 28 में से 19 मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। केजरीवाल ने सोमवार को केंद्रीय मंत्रियों पर ओछी राजनीति करने और लोगों को डराने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली के पानी की गुणवत्ता केवल 11 मानकों पर नहीं जांची जा सकती। दिल्ली जल बोर्ड ने सोमवार को कहा था कि एक जनवरी से 24 सितंबर तक उसने 1,55,302 नमूने एकत्रित किए थे जिनमें से केवल 2,222 नमूने ही परीक्षण में विफल हुए थे।

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